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रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / मध्य पूर्व में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं होने के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी परामर्श जारी किया है। अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने रविवार, 18 अक्टूबर को जारी सलाह में चेतावनी दी कि क्षेत्र में जारी संघर्ष दूसरे इलाकों तक फैल सकता है। इसके कारण हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानें रद्द होने और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में बाधा आने की आशंका है। यह परामर्श ऐसे समय जारी किया गया है, जब ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


अमेरिकी दूतावास के अनुसार, मध्य पूर्व में सुरक्षा की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ईरान और उससे जुड़े संगठन विदेशों में अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इन संभावित निशानों में अमेरिकी नागरिक, कारोबार, संस्थान और अमेरिका से जुड़े अन्य ठिकाने शामिल हैं। दूतावास ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय समाचारों और आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है।


अमेरिकी दूतावास ने यात्रियों से कहा है कि वे हवाई अड्डों और संबंधित विमानन कंपनियों से अपनी उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करें। साथ ही, यात्रा कार्यक्रम में अचानक बदलाव होने की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक योजना तैयार रखें।


परामर्श में लोगों को विरोध प्रदर्शनों और बड़ी भीड़ वाले स्थानों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा, आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा गया है। हवाई हमले की स्थिति में खिड़कियों, कांच के दरवाजों और मलबे से दूर रहने की सलाह भी दी गई है।


इस बीच, मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई के लिए अतिरिक्त सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है। मामले से परिचित अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, इन विकल्पों में जीबीयू-43/बी विशाल आयुध वायु विस्फोटक बम का इस्तेमाल भी शामिल हो सकता है।


इस बम को आम तौर पर ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स यानी ‘सभी बमों की जननी कहा जाता है। यह पारंपरिक विस्फोटकों से लैस अत्यधिक शक्तिशाली बम है।


हालांकि, सैन्य विकल्पों पर विचार किए जाने की खबर का अर्थ यह नहीं है कि अमेरिका ने ईरान पर हमले का अंतिम निर्णय ले लिया है। उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी प्रशासन ने इस बम के इस्तेमाल को मंजूरी दी है या नहीं। इसलिए संभावित सैन्य कार्रवाई से जुड़ी इन खबरों को फिलहाल रिपोर्टों और अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ट्रंप ने अपने सामाजिक माध्यम ‘ट्रुथ सोशल पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रशंसा करते हुए उन्हें मजबूत नेतृत्व वाला प्रधानमंत्री और शांति का साझेदार बताया।


ट्रंप के बयान को इस संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है कि यदि ईरान अपना रुख नहीं बदलता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी उसके खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी नई सैन्य कार्रवाई की औपचारिक घोषणा सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स पर अमेरिका को जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि पहले भी अमेरिका की ओर से अपने लक्ष्य हासिल करने की कोशिशों के बावजूद ईरान पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है।
अराघची ने संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के परिणामों को लेकर भी चेतावनी दी। ईरान के इस रुख से स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच बयानबाजी और रणनीतिक तनाव अब भी बना हुआ है।


मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी सुरक्षा परामर्श ने क्षेत्र में संभावित अस्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के प्रभावित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के साथ-साथ विमानन कंपनियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
फिलहाल, अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार किए जाने की खबरों और ईरान की चेतावनियों के बीच स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रुख और क्षेत्रीय घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो सकेगा कि तनाव कूटनीतिक बातचीत की दिशा में आगे बढ़ता है या सैन्य टकराव की आशंका और गहरी होती है।


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