Share This Article रायपुर, 21सितंबर 2026 / ETrendingIndia / इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की योजना का ऐलान किया है। सरकार कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या की सीमा तय करने और गंभीर एकीकरण समस्या वाले विदेशी छात्रों के अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की तैयारी भी कर रही है। प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और कानून बनने के लिए संसदीय मंजूरी जरूरी होगी। स्कूलों में चेहरे को ढकने पर रोक प्रस्ताव में बुर्का और नकाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक की बात है। मेलोनी ने कहा है कि इटली में रहने और भविष्य बनाने वालों को देश की भाषा, संस्कृति और कानूनों को समझना चाहिए। हिजाब को लेकर स्थिति अलग है, क्योंकि उसमें आम तौर पर चेहरा खुला रहता है। विदेशी छात्रों की संख्या पर लगेगी सीमा सरकार प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या के लिए कानूनी सीमा तय करना चाहती है। अभी नई सीमा का आंकड़ा घोषित नहीं किया गया है। इटली के स्कूलों में गैर-इतालवी नागरिक छात्र करीब 11.6 प्रतिशत हैं। वहीं, 30 प्रतिशत की सीमा से जुड़ा पुराना प्रावधान पहले से मौजूद है। अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा जरूरी जिन विदेशी छात्रों को स्कूल व्यवस्था में गंभीर रूप से घुलने-मिलने में कठिनाई हो रही है, उनके अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी शामिल है। सरकार इसे भाषा और सामाजिक एकीकरण से जोड़ रही है। यूरोप में पहले से लागू हैं अलग-अलग नियम पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर फ्रांस, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, बुल्गारिया और स्विट्जरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में अलग-अलग स्तर की पाबंदियां लागू हैं। कुछ देशों में यह प्रतिबंध पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में है, जबकि कुछ जगह स्कूल, सरकारी संस्थान या अन्य विशेष स्थानों तक सीमित है। Share This Article Post navigation फिलीपींस पहुंचा भारत का नौसैनिक दमखम… सह्याद्रि-कुलिश की सुबिक खाड़ी में दस्तक