रायपुर / ETrendingIndia / जैसलमेर बस आग हादसा — दर्दनाक दुर्घटना में 20 की मौत
राजस्थान के जैसलमेर बस आग हादसे में मंगलवार को बड़ा दुखद घटनाक्रम सामने आया। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में अचानक आग लग गई, जिससे कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री झुलस गए। यह हादसा जैसलमेर जिले के थैयाट गांव के पास हुआ।
चलती बस में धुआं उठते ही मची अफरातफरी
अधिकारियों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे बस के पिछले हिस्से से धुआं निकलता देखा गया। कुछ ही पलों में चलती बस आग की लपटों में घिर गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
घायल यात्रियों का इलाज जारी, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
जोधपुर पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश पासवान ने बताया कि 16 घायलों को जोधपुर लाया गया है, जिनमें 15 महात्मा गांधी अस्पताल और एक श्रीराम अस्पताल में भर्ती है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके का दौरा किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा दी जाए।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि “जैसलमेर में बस आग हादसा अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताते हुए कहा कि यह हादसा बेहद पीड़ादायक है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रधानमंत्री राहत कोष से दी जाएगी।
पहचान के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं
जैसलमेर और जोधपुर जिला प्रशासन ने मृतकों की पहचान के लिए DNA सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की है। प्रशासन ने परिवारों से संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
KK ट्रैवल्स की बस (RJ 09 PA 8040) से संबंधित यात्रियों की पहचान के लिए महात्मा गांधी अस्पताल (जोधपुर) और जवाहर अस्पताल (जैसलमेर) में विशेष केंद्र बनाए गए हैं।
निष्कर्ष — सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
कुल मिलाकर, जैसलमेर बस आग हादसा ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच की आवश्यकता को उजागर किया है। सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
