Share This Article रायपुर / ETrendingIndia बड़वानी जिले के राजपुर तहसील स्थित ग्राम लोटनदेव में आयोजित गुजराती चारण समाज के कार्यक्रम में राज्यपाल श्री पटेल ने जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई के गंभीर परिणामों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मौसम का असामान्य व्यवहार—सुबह ठंड, दोपहर में गर्मी और शाम को वर्षा—मानवजनित जलवायु परिवर्तन का ही परिणाम है। इसके लिए मुख्य रूप से वनों की अंधाधुंध कटाई जिम्मेदार है। राज्यपाल श्री पटेल ने लोगों से आह्वान किया कि वे वर्षाकाल में कम से कम दो पेड़ लगाएं और उनका संरक्षण करें, ताकि प्रकृति का संतुलन फिर से स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राशि और नक्षत्र के अनुसार मनुष्यों से जुड़े विशेष वृक्ष हैं, जिन्हें अपनाकर हम जलवायु परिवर्तन की चुनौती को मात दे सकते हैं। कार्यक्रम में उन्होंने बालिका शिक्षा की भी महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को प्रगति की दिशा में ले जाती है। एक शिक्षित मां सौ शिक्षकों के बराबर होती है। इस अवसर पर राज्यपाल ने आवड़ माता मंदिर में पूजा अर्चना की और त्रिवेणी (पीपल, बरगद, नीम) के पौधे लगाए। उन्होंने समाज की बालिकाओं, शहीद की पत्नी तथा मेधावी छात्राओं का सम्मान किया और टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की। साथ ही 50 करोड़ की लागत से विशेष स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की भी घोषणा की गई। Share This Article Post navigation औद्योगिक क्रांति की ओर छत्तीसगढ़ अग्रसर : नई औद्योगिक नीति 2024-30 से बदलेगा राज्य का परिदृश्य राजनांदगांव चाइल्ड हेल्प लाइन भर्ती: पात्र-अपात्र सूची पर 29 मई तक दावा-आपत्ति का अंतिम अवसर