Share This Article दुर्ग, 20 अक्टूबर 2026। JD Steel Plant Accident : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरई-रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जेडी स्टील प्लांट में हुए हादसे में 42 वर्षीय ठेकेदार संतोष कुमार श्रीवास्तव की जान चली गई। 17 अक्टूबर की रात मशीन से निकला करीब 1500 से 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला लोहा उनके शरीर पर गिर गया था। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे उनकी मौत हो गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रात करीब 1 बजे हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, संतोष कुमार श्रीवास्तव प्लांट में ठेकेदारी का काम करते थे। 17 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे मशीन के एक हिस्से का नोजल नीचे आने के दौरान पिघला लोहा उनके शरीर पर गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वायरल वीडियो में आग की लपटों के बीच भागता दिखा व्यक्ति सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक व्यक्ति आग की लपटों से घिरा हुआ सीढ़ियों से नीचे भागता दिखाई देता है। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिख रहे घटनाक्रम का हादसे से संबंध आधिकारिक रूप से पुष्ट होना बाकी है। बिहार के पूर्वी चंपारण के निवासी थे संतोष मृतक संतोष कुमार श्रीवास्तव बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के श्यामपुर गांव, थाना सुगौली के निवासी थे। वह रोजगार के सिलसिले में छत्तीसगढ़ आए थे और बोरई औद्योगिक क्षेत्र स्थित इस्पात संयंत्र में ठेकेदारी का काम कर रहे थे। बताया गया है कि प्लांट का निर्माण कार्य जारी था और उसके कुछ हिस्सों में काम शुरू हो चुका था। पुराने हादसे को लेकर भी उठे सवाल जिला पंचायत सदस्य प्रिया साहू ने दावा किया है कि करीब दो साल पहले कंपनी के एक अन्य प्लांट में भी जलने से एक मजदूर की मौत हुई थी। उनके अनुसार, उस घटना के बाद मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए धरना देना पड़ा था और बाद में 10 लाख रुपये दिए गए थे। इस दावे पर कंपनी प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस ने दर्ज किया मर्ग, सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी एएसपी शोभराज अग्रवाल के मुताबिक, अंजोरा चौकी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मर्ग दर्ज किया गया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और मौत से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मशीन के संचालन और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर कंपनी प्रबंधन का आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। Share This Article Post navigation पहाड़ी ढलानों पर 3 हजार कंटूर सहेजेंगे बारिश का पानी…! 250 परिवारों को मिलेगी राहत की उम्मीद…