Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / न्यूज़ीलैंड में शोक की लहर न्यूज़ीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री जिम बोल्जर का निधन बुधवार को 90 वर्ष की आयु में हो गया। उनके परिवार ने बयान में कहा कि वह अपनी पत्नी जोआन, नौ बच्चों और 18 पोते-पोतियों के बीच अंतिम समय तक रहे। राजनीतिक जीवन और उपलब्धियाँ बोल्जर ने 1972 में संसद में प्रवेश किया और 1986 में नेशनल पार्टी के नेता बने। 1990 में वह प्रधानमंत्री बने और 1997 तक इस पद पर रहे।उनकी सरकार ने MMP चुनाव प्रणाली शुरू की, जो आज भी न्यूज़ीलैंड में उपयोग में है। उन्होंने मौरी समुदाय के साथ पहले निपटान और मुआवजा समझौतों का मार्ग प्रशस्त किया। समन्वय और समाजिक योगदान तुकॉरॉरांगी मॉर्गन ने कहा कि जिम बोल्जर का निधन उनके समन्वय और समझौते के कार्यों के लिए एक मिसाल छोड़ गया। बोल्जर ने न्यूज़ीलैंड में समाजिक मेल-जोल और समग्र सुधार को बढ़ावा दिया।इसके अलावा, वह गणराज्यवादी दृष्टिकोण के समर्थक थे और ब्रिटेन की राजशाही से दूरी बनाए रखी। व्यक्तिगत जीवन और सम्मान बोल्जर ने राजनीति से संन्यास लेने के बाद अमेरिका में न्यूज़ीलैंड के राजदूत के रूप में सेवा की। वह किडनी फेलियर से जूझ रहे थे और डायलिसिस पर थे।राजनीतिक जीवन के बाद उन्होंने नाइटहुड नहीं लिया, लेकिन ऑर्डर ऑफ न्यूज़ीलैंड के सदस्य बने, जो देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। निष्कर्षतः: अंत में कहा जा सकता है कि जिम बोल्जर का निधन न्यूज़ीलैंड और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति है। उनके योगदान और मौरी समुदाय के साथ समन्वय की विरासत हमेशा याद रखी जाएगी। Share This Article Post navigation माओवादी नेता मल्लोजुला वेनुगोपाल राव ने 60 कैडरों के साथ किया आत्मसमर्पण, शांति की उम्मीद CO2 स्तर रिकॉर्ड उच्च: WMO ने चेताया, चरम मौसम की घटनाओं का खतरा बढ़ा