Share This Article रायपुर, 11 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की जियो पारसी योजना पारसी समुदाय को चिकित्सा सहायता के साथ-साथ बाल देखभाल और बुजुर्गों की देखभाल जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। केंद्र सरकार के अनुसार, योजना के तहत अब तक बड़ी संख्या में पारसी समुदाय के लोगों को चिकित्सा और सामुदायिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में जियो पारसी योजना शुरू होने से अब तक चिकित्सा घटक के तहत बांझपन, गर्भधारण, प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल के उपचार के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संचयी संख्या 582 है। इसी तरह, वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के सामुदायिक स्वास्थ्य घटक के तहत 1,055 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। योजना की शुरुआत से अब तक इस पर कुल 37.43 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पारसी समुदाय में 534 बच्चों का जन्म सरकार के अनुसार, वर्ष 2014-15 से अब तक पारसी समुदाय में कुल 534 बच्चों का जन्म हुआ है। इससे समुदाय की घटती जनसंख्या को स्थिर करने की दिशा में उम्मीद जगी है। स्वतंत्र तृतीय-पक्ष मूल्यांकन अध्ययनों में भी जियो पारसी योजना को उसके निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने में सफल बताया गया है। तीन वर्षों में सामुदायिक स्वास्थ्य पर बढ़ा खर्च पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान योजना के चिकित्सा, सामुदायिक स्वास्थ्य और समर्थन घटकों के तहत वित्तीय सहायता का विवरण इस प्रकार है— वित्त वर्ष चिकित्सा सामुदायिक स्वास्थ्य समर्थन2023-24 0.11 करोड़ रुपये 2.53 करोड़ रुपये 0.10 करोड़ रुपये 2024-25 0.39 करोड़ रुपये 2.66 करोड़ रुपये 0.06 करोड़ रुपये 2025-26 0.24 करोड़ रुपये 2.93 करोड़ रुपये 0.29 करोड़ रुपये आंकड़ों से स्पष्ट है कि सामुदायिक स्वास्थ्य घटक के तहत सहायता में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में इस मद में 2.93 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जागरूकता और पंजीकरण पर भी जोर सरकार ने पारसी समुदाय के बीच योजना की जानकारी और पहुंच बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की है। इसके तहत विभिन्न कार्यशालाएं, संवाद सत्र, पंजीकरण अभियान और जैव-प्रमाणीकरण अभियान आयोजित किए जाते हैं। जियो पारसी योजना के कार्यान्वयन से संबंधित जानकारी प्रमुख पारसी समाचार पत्रों में भी मासिक आधार पर प्रकाशित की जाती है, ताकि समुदाय के अधिक से अधिक लोग योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और पात्र होने पर इसका लाभ उठा सकें। घटती जनसंख्या को स्थिर करने की पहल जियो पारसी योजना का प्रमुख उद्देश्य पारसी समुदाय की घटती जनसंख्या को स्थिर करने और समुदाय के सामाजिक-स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को संबोधित करने में सहायता करना है। चिकित्सा सहायता, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा परिवार और बुजुर्गों से जुड़ी देखभाल के माध्यम से योजना समुदाय के समग्र कल्याण को बढ़ावा दे रही है। Share This Article Post navigation रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी, झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते गिरफ्तार Scholarship for Agriculture Students :6,000 से ज्यादा विद्यार्थियों को ₹21.35 करोड़ की स्कॉलरशिप