Chhattisgarh News, JNPA, Jawaharlal Nehru Port, छत्तीसगढ़ आयात निर्यात, Chhattisgarh Export Import, JNPA Connectivity, Vadhavan PortChhattisgarh News, JNPA, Jawaharlal Nehru Port, छत्तीसगढ़ आयात निर्यात, Chhattisgarh Export Import, JNPA Connectivity, Vadhavan Port
Share This Article

मुंबई, 03 अक्टूबर 2026। JNPA : मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) की बढ़ती क्षमता और बेहतर कनेक्टिविटी से छत्तीसगढ़ के आयात-निर्यात को गति मिलने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में जेएनपीए ने 8.17 मिलियन TEU कंटेनर कार्गो संभाला, जो देश के प्रमुख बंदरगाहों के कुल कंटेनर यातायात का 53.93% रहा। बंदरगाह ने इस दौरान 102.01 मिलियन टन कुल कार्गो का संचालन किया।

छत्तीसगढ़ के लिए अहम समुद्री संपर्क

छत्तीसगढ़ समुद्र तट से दूर है, इसलिए जेएनपीए तक बेहतर रेल और सड़क कनेक्टिविटी राज्य के उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है। इस्पात, खनिज, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और इंजीनियरिंग सामान को यहां से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। वहीं मशीनरी, उपकरण और कच्चा माल समुद्री मार्ग से राज्य तक लाया जा सकता है।

आयात-निर्यात की प्रक्रिया होगी आसान

जेएनपीए में डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (DPD) और डायरेक्ट पोर्ट एंट्री (DPE) जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनका उद्देश्य कंटेनरों की अनावश्यक हैंडलिंग और आवाजाही कम कर समय बचाना है।

वित्त वर्ष 2023-24 में 72.66% आयात कंटेनर DPD और 48.73% निर्यात कंटेनर DPE के माध्यम से क्लीयर हुए थे।

1.15 मिलियन TEU रेल से जुड़े

वित्त वर्ष 2025-26 में अंतर्देशीय कंटेनर डिपो से जुड़ी रेल परिवहन व्यवस्था के जरिए करीब 1.15 मिलियन TEU कंटेनर कार्गो का संचालन हुआ। इससे मध्य भारत के राज्यों को समुद्री व्यापार नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

तेज संचालन और बेहतर दक्षता

2025-26 में जेएनपीए पर जहाजों का औसत टर्नअराउंड टाइम 1.71 दिन रहा। अगस्त 2026 के आधिकारिक विवरण के अनुसार, विश्व बैंक और एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2025 में जेएनपीए को 22वां स्थान मिला।

हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक

बंदरगाह पर इलेक्ट्रिक वाहनों, गेट ऑटोमेशन, कंटेनर ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल प्रणालियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। शोर पावर व्यवस्था की योजना से जहाजों के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वाढवण बंदरगाह से भविष्य में बढ़ेगी क्षमता

महाराष्ट्र में विकसित हो रहा वाढवण बंदरगाह भविष्य में समुद्री कार्गो क्षमता को और बढ़ाएगा। प्रस्तावित क्षमता जेएनपीए की मौजूदा क्षमता से करीब ढाई गुना बताई गई है। इससे छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के उद्योगों के लिए भविष्य में अतिरिक्त समुद्री व्यापार अवसर बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, जेएनपीए की क्षमता, रेल-सड़क कनेक्टिविटी, डिजिटल सुविधाएं और सरल आयात-निर्यात प्रक्रियाएं छत्तीसगढ़ के उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।


Share This Article