Share This Article रायपुर 18 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / जोधपुर में अपाचे तैनाती , भारतीय वायुसेना और थलसेना की सामरिक शक्ति को बड़ा बल देते हुए जोधपुर मिलिट्री स्टेशन को अब अत्याधुनिक एएच-64ई अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर मिल गए हैं। जुलाई 2025 में पहले चरण में तीन अपाचे हेलिकॉप्टर जोधपुर पहुंचे थे, जबकि शेष हेलिकॉप्टर भी अब हिंडन एयरबेस से राजस्थान पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही ‘हवा में उड़ता टैंक’ कहे जाने वाले अपाचे की पूरी स्क्वाड्रन जोधपुर में तैनाती की ओर बढ़ रही है। रेगिस्तानी और पश्चिमी सीमा के लिहाज से जोधपुर रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। अपाचे हेलिकॉप्टर यहां तैनात होने से सीमा पर निगरानी, त्वरित जवाबी कार्रवाई और जमीनी लड़ाई में भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ गई है। एक मिनट में 128 टारगेट पर हमला करने में सक्षमअपाचे की सबसे बड़ी खासियत इसकी घातक मारक क्षमता है। यह हेलिकॉप्टर एक मिनट में 128 अलग-अलग लक्ष्यों को ट्रैक कर उन पर सटीक हमला कर सकता है। इसमें लगे आधुनिक सेंसर खतरे के विजुअल और ऑडियो संकेत तुरंत पायलट तक पहुंचाते हैं। अत्याधुनिक तकनीक से लैसअपाचे में मल्टी-पर्पज कलर डिस्प्ले, डिजिटल ग्राफिक्स और ऑटोमेटेड डेटा इनपुट सिस्टम है, जिससे पायलट को युद्ध के दौरान त्वरित और सटीक फैसले लेने में मदद मिलती है। भारी हथियारों से लैस ‘उड़ता टैंक’यह हेलिकॉप्टर चार स्टिंगर मिसाइल, 16 हेलफायर मिसाइल और कुल 76 मिसाइलें ले जाने में सक्षम है। साथ ही इसमें 30 एमएम की गन लगी है, जो करीब 1200 राउंड फायर कर सकती है। सेना सूत्रों के अनुसार, जल्द ही ये सभी अपाचे हेलिकॉप्टर जोधपुर स्थित आर्मी एविएशन कोर की स्क्वाड्रन में पूरी तरह शामिल हो जाएंगे। इससे पश्चिमी सीमा पर भारत की सैन्य तैयारियों को नई धार मिलेगी और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता और मजबूत होगी। Share This Article Post navigation घने कोहरे और कड़ाके की ठंड में उत्तरप्रदेश अलर्ट मोड पर : जनजीवन और यातायात की सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त पूर्वोत्तर के पर्यटन को नई पहचान देने त्रिपुरा की बड़ी पहल : माताबाड़ी सर्किट के माध्यम से सांस्कृतिक- आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा