Share This Article रायपुर, 27 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / अचानक आई बाढ़ से सड़कें और रास्ते क्षतिग्रस्त होने के कारण आंध्र प्रदेश के कई तीर्थयात्री तिब्बत के डारचेन इलाके में फंस गए हैं। कैलाश पर्वत और मानसरोवर जाने वाले मार्ग बंद हैं। तीर्थयात्रियों के अनुसार डारचेन में फिलहाल भोजन और जरूरी सामान की कमी नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित वापसी को लेकर है। बाढ़ से करीब 60 किमी का क्षेत्र प्रभावित कैलाश पर्वत से करीब 10 किलोमीटर दूर डारचेन कैलाश परिक्रमा का प्रमुख आधार स्थल है। डारचेन से मानसरोवर जाने वाले मार्ग समेत करीब 60 किलोमीटर के क्षेत्र में बाढ़ से सड़कें प्रभावित हुई हैं। रास्ते बंद, आवाजाही पर रोक तीर्थयात्रियों के अनुसार कई रास्ते बह गए हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। आसपास के इलाकों में जाने के लिए चीनी अधिकारियों की अनुमति जरूरी है। इससे तीर्थयात्रियों के बाहर निकलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। महिलाएं और बच्चे भी फंसे अदोनी के निवासी निवर्ति रंगनाथ शास्त्री के मुताबिक वहां तेलुगु भाषी तीर्थयात्रियों के कई समूह मौजूद हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कुछ समूह कैलाश परिक्रमा के लिए निकल चुके हैं, जबकि कई लोग डारचेन में ही रुके हैं। फिलहाल भोजन की समस्या नहीं डारचेन के होटल तीर्थयात्रियों को भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं। फिलहाल किसी बड़ी कमी की सूचना नहीं है। तीर्थयात्री सुरक्षित स्थानों पर ठहरे हुए हैं और आपस में लगातार संपर्क में हैं। भारत सरकार से मदद की अपील फंसे तीर्थयात्रियों ने भारत सरकार से सुरक्षित निकासी और वापसी के लिए तत्काल पहल करने की अपील की है। वहीं अदोनी के विधायक ने परिवार को सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य सरकार और दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय से संपर्क करने की बात कही है। मुख्य चिंता तीर्थयात्री फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त और बंद रास्तों के कारण वे डारचेन से कब और कैसे वापस लौट पाएंगे, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। Share This Article Post navigation हाई डेंसिटी 7 रेल नेटवर्क को चार लेन करने की योजना : मुंबई–हावड़ा भी शामिल… एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में भव्य पंचायतन मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा