Share This Article रायपुर, 22 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / कर्नाटक सरकार ने राज्य भर में पनीर नाम से बेचे जा रहे एनालॉग/नॉन-डेयरी (बिना दूध वाले) पनीर के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है. खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के खाद्य सुरक्षा प्रभाग ने जनस्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया है. कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने 17 अगस्त 2026 को एक सरकारी अधिसूचना जारी की है.प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक) विनियम, 2011 के नियम 2.1.16 के मुताबिक, पनीर दूध से तैयार होने वाला एक मानक खाद्य उत्पाद है. दूध की वसा पनीर का एक मुख्य हिस्सा है, और दूध के तत्वों की जगह वनस्पति तेल, वनस्पति वसा या अन्य गैर-डेयरी चीजों का इस्तेमाल करने या उनसे मिल्क फैट को बदलने की अनुमति नहीं है.मिल्क फैट या मिल्क सॉलिड्स को पूरी तरह या आंशिक रूप से वनस्पति तेल, वनस्पति वसा या अन्य गैर-डेयरी तत्वों से बदलकर पनीर की शक्ल में तैयार किए गए उत्पाद को एनालॉग / नॉन-डेयरी पनीर माना जाता है. प्रेस विज्ञप्ति में साफ किया गया है कि ऐसे किसी भी उत्पाद पर पनीर का लेबल नहीं लगाया जाएगा, न ही इसे पनीर के नाम से बाजार में प्रचारित, बेचा या उपभोक्ताओं के सामने पेश किया जाएगा.प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह प्रतिबंध केवल उन गैर-डेयरी उत्पादों पर लागू होता है, जिनके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा कोई विशेष गुणवत्ता मानक तय या निर्धारित नहीं किए गए हैं. यह आदेश पहले से निर्धारित मानकों के तहत आने वाले फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे प्रमाणित खाद्य उत्पादों पर लागू नहीं होगा. इसके अलावा, कोई भी खाद्य व्यवसायी किसी भी खाद्य उत्पाद या खाने-पीने की चीज को बनाने में इस एनालॉग/नॉन-डेयरी पनीर का उपयोग, भंडारण, आपूर्ति या बिक्री नहीं करेगा.खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरे राज्य में जरूरी कदम उठाएगा. खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के कमिश्नर ने प्रेस विज्ञप्ति में आम जनता और सभी खाद्य व्यवसायियों को इस आदेश के नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है. Share This Article Post navigation देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर, ई20नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही: खडग़े जयपुर में बिजली गुल होने से आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा बाधित, 49 अभ्यर्थियों की 1 सितंबर को फिर होगी परीक्षा