Share This Article रायपुर, 12 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / कर्नाटक सरकार ने जन स्वास्थ्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर रोक रहेगी। इस कर्नाटक गुटखा प्रतिबंध का उद्देश्य लोगों को तंबाकू और निकोटीन से जुड़े नुकसान से बचाना है। किन उत्पादों पर लागू होगा प्रतिबंध? अधिसूचना में ऐसे गुटखा और पान मसाला उत्पाद शामिल हैं, जिनमें तंबाकू या निकोटीन मौजूद है। इन्हें पाउच, थैली, पैकेज या कंटेनर में पैक करके बेचा जाता है। इसके अलावा, किसी दूसरे नाम से बेचे जाने वाले समान उत्पाद भी इस आदेश के दायरे में आ सकते हैं। इसलिए निर्माण से लेकर बिक्री तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। डीके शिवकुमार ने पहले ही दिए थे संकेत कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जून में नशा मुक्त भारत सम्मेलन के दौरान सख्त कार्रवाई के संकेत दिए थे। यह कार्यक्रम बेंगलुरु के कांतीरवा स्टेडियम में आयोजित हुआ था। शिवकुमार ने कहा था कि कुछ पान मसाला, गुटखा और सुपारी उत्पादों में नशीले पदार्थ मिलाए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा था कि ऐसी गतिविधियां नहीं रुकीं तो इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने कर्नाटक गुटखा प्रतिबंध की दिशा में नशा मुक्त कर्नाटक बनाने को सरकार का लक्ष्य बताया था। ओडिशा में भी तंबाकू उत्पादों पर रोक कर्नाटक से पहले ओडिशा में भी पान मसाला, गुटखा और तंबाकू उत्पादों पर सख्ती की गई है। राज्य में इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर रोक लागू है। सरकार ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के आधार पर उठाया है। हालांकि, दूसरे राज्यों से तस्करी की चुनौती भी सामने आती रही है। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर भी सख्ती की तैयारी इसी बीच मध्य प्रदेश सरकार ने एनालॉग यानी कृत्रिम रूप से बने पनीर पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक दूध उत्पादों की शुद्धता के आधार पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहता है। इसलिए ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। जन स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी सख्ती कुल मिलाकर, कर्नाटक गुटखा प्रतिबंध तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों के खिलाफ राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई है। अब इन उत्पादों की पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ सकती है। साथ ही, ओडिशा और मध्य प्रदेश के फैसले भी खाद्य और जन स्वास्थ्य से जुड़े नियमों पर बढ़ती सख्ती को दिखाते हैं। अंततः इन कदमों का असर तंबाकू सेवन और मिलावटी खाद्य उत्पादों की बिक्री पर पड़ सकता है। Share This Article Post navigation Air India फ्लाइट में पायलट के नशे में होने का आरोप…! जांच में सामने आए चौंकाने वाले दावे संसद में गतिरोध पर अमित शाह बोले- हर बहस को तैयार, 24 घंटे चर्चा हो