Share This Article रायपुर, 11 सितंबर 2026। ETrendingIndia / जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर को केवल फिल्मों की शूटिंग के लिए पसंदीदा जगह तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे कहानी लेखन, फिल्म निर्माण और स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने वाले बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वह डल झील के किनारे एसकेआईसीसी में आयोजित चार दिवसीय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू-कश्मीर (IFFJK) के समापन समारोह में बोल रहे थे। फिल्म इंडस्ट्री में कश्मीर की पुरानी पहचान लौटाने पर जोर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर का सिनेमा से पुराना और मजबूत रिश्ता रहा है। सरकार की कोशिश है कि यह क्षेत्र फिर से भारतीय फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाए और यहां फिल्मों की शूटिंग के साथ-साथ फिल्म निर्माण की गतिविधियां भी बढ़ें।स्थानीय युवाओं को मिलेगा मौका फिल्म महोत्सव में फिल्म निर्माता, कलाकार और सिनेमा प्रेमी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने भी स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने, नियमित फिल्म स्क्रीनिंग, प्रशिक्षण कार्यक्रम और फिल्म निर्माण से जुड़ा बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत बताई। 4 दिन चला पहला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जम्मू-कश्मीर का पहला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 7 से 10 सितंबर 2026 तक श्रीनगर में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य क्षेत्र में सिनेमा संस्कृति को बढ़ावा देना और कश्मीर को फिर से फिल्म जगत के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना रहा। Share This Article Post navigation चक्रधर समारोह : सजेगी सुर, ताल और संस्कृति की… दस दिवसीय महफिल द वन का पहला गाना समझो ना रिलीज, सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना की जोड़ी ने मचाया धमाल