Share This Article रायपुर, 14 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / कश्मीर में दो प्रवासी श्रमिकों और एक पुलिसकर्मी की हत्या के कुछ दिन बाद कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को आतंकी धमकी मिलने से सुरक्षा चिंता बढ़ गई है। ऑनलाइन जारी धमकी पत्र में कुछ कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर सार्वजनिक कर उन्हें घाटी में वापस नहीं लौटने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद सरकार ने एहतियात के तौर पर कुछ दिनों के लिए उन्हें वर्क फ्रॉम होम करने को कहा है। नाम और मोबाइल नंबर किए सार्वजनिक धमकी वाले पत्र में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के नाम और संपर्क नंबर दिए गए हैं। संगठन ने दावा किया है कि उसके पास कर्मचारियों के पते, परिवार और कार्यालय से जुड़ी जानकारी भी मौजूद है। उसने जम्मू जाने पर भी निशाना बनाए जाने की धमकी दी है। लश्कर के मुखौटा संगठन का दावा धमकी लिबरेशन काउंसिल के नाम से जारी होने की बात सामने आई है। खुफिया एजेंसियां इसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा मुखौटा संगठन मानती हैं। पत्र पर अहमद बिलाल के हस्ताक्षर बताए गए हैं, जिसने खुद को ‘सोल्जर ऑफ रेजिस्टेंस’ बताया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां पत्र की प्रामाणिकता और स्रोत की जांच कर रही हैं। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर आतंकियों तक कैसे पहुंचे। पंडित संगठनों ने जताई चिंता कश्मीरी पंडित संगठनों ने धमकी को गंभीर बताते हुए कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी धमकियां घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडितों के बीच फिर से भय का माहौल पैदा कर सकती हैं। Share This Article Post navigation हेमकुंड साहिब यात्रा का समापन 10 अक्टूबर को…अब तक 2.38 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन कश्मीरी पंडितों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम का कोई आदेश नहीं…