रायपुर 2 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / कौशल भारत मिशन प्रशिक्षण , भारत सरकार का कौशल भारत मिशन देश के युवाओं को आधुनिक और उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए लगातार काम कर रहा है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय पूरे देश में कौशल, री-स्किलिंग और अपस्किलिंग के लिए बड़े स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र चला रहा है।
इसके लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) और आईटीआई जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण कौशल पहुंचाना और युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) ने एआई और डेटा साइंस जैसी उभरती तकनीकों के लिए एक विशेष एआई कौशल ढांचा तैयार किया है। इसके आधार पर पूरे देश में मानकीकृत और उद्योग से जुड़े हुए पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं।
पीएमकेवीवाई 3.0 और 4.0 में एआई, रोबोटिक्स और नई तकनीकों पर विशेष अल्पकालिक कोर्स शुरू किए गए हैं। इसके अलावा, आईटीआई और एनएसटीआई में 31 नए तकनीकी कोर्स — जैसे एआई, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और जलवायु तकनीक — शुरू किए गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नैसकॉम ने मिलकर फ्यूचर स्किल्स प्राइम प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है, जिसमें 11 उभरती तकनीकों पर प्रशिक्षण उपलब्ध है। स्कूल के बच्चों (कक्षा 6–12) के लिए भी “SOAR” नाम से एआई शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया गया है।
सरकार आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, अमेज़न वेब सर्विसेज जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ मिलकर कौशल प्रशिक्षण को और मजबूत बना रही है। इन साझेदारियों से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ रही है और युवाओं को एआई व आधुनिक तकनीकों में बेहतर रोजगार अवसर मिल रहे हैं।
पीएमकेवीवाई में एक मजबूत डिजिटल निगरानी प्रणाली भी लागू है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण की गुणवत्ता, रोजगार और प्रगति को लगातार मॉनिटर किया जाता है। इससे कौशल कार्यक्रमों में सुधार होता है और भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखते हुए नीतियाँ बनाई जाती हैं।
