भारतीय रेलवे ने 738 रूट किमी पर कवच 4.0 कमीशन किया, ट्रेन सुरक्षा हुई और मजबूत

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रायपुर / ETrendingIndia / दो प्रमुख कॉरिडोर पर कवच 4.0 की तैनाती

भारतीय रेलवे ने कवच 4.0 रेलवे सुरक्षा प्रणाली को 738 रूट किमी पर कमीशन किया।
यह तैनाती पलवल–मथुरा–नागदा सेक्शन में 633 रूट किमी और हावड़ा–बर्दवान सेक्शन में 105 रूट किमी पर हुई।
इसके अलावा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।


क्या है कवच 4.0 और कैसे बढ़ाता है सुरक्षा

कवच एक SIL-4 सुरक्षा प्रमाणित एटीपी सिस्टम है। यह गति सीमा पार होने पर ब्रेक ऑटोमेटिक लगाता है।
इसके साथ ही, खराब मौसम में भी संचालन को अधिक सुरक्षित बनाता है।
कवच 3.2 के अनुभव से सिस्टम में सुधार हुए, जिसके कारण जुलाई 2024 में कवच 4.0 रेलवे सुरक्षा संस्करण को मंजूरी मिली।


ट्रैक और स्टेशन पर बड़े पैमाने पर काम पूरा

रेलवे ने बताया कि ट्रैक और स्टेशनों पर महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है।
और, 7,129 किमी ट्रैक पर ऑप्टिकल फाइबर बिछ चुका है।
इसके अलावा, 860 टेलिकॉम टावर लगाए गए और 549 स्टेशनों पर कवच इंस्टॉल हुआ।
साथ ही, 4,154 लोकोमोटिव्स में ऑनबोर्ड कवच यूनिट फिट की गई।


नेटवर्क पर तेजी से विस्तार जारी

दिल्ली–मुंबई और दिल्ली–हावड़ा रूटों के शेष हिस्सों में कार्य जारी है।
फिर, रेलवे 15,512 रूट किमी पर कवच लग रहा है, जिसमें गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, गोल्डन डायगोनल और हाई डेंसिटी नेटवर्क शामिल हैं।
इसके अलावा, 9,069 लोकोमोटिव्स पर कवच 4.0 के लिए निविदाएँ जारी की गई हैं।


ट्रेनिंग और खर्च—दोनों पर तेजी से काम

अब तक 40,000 से अधिक कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है, जिनमें 30,000 लोको पायलट शामिल हैं।
IRISET के सहयोग से नए कोर्स तैयार किए गए हैं।
अंत में, रेलवे ने बताया कि अब तक ₹2,354 करोड़ खर्च हो चुके हैं, जबकि 2025-26 के लिए ₹1,673 करोड़ का प्रावधान किया गया है।


कुल मिलाकर, कवच 4.0 का विस्तार कवच 4.0 रेलवे सुरक्षा को नई ऊंचाई देता है और भारतीय रेलवे की सुरक्षा को भविष्य के लिए तैयार करता है।