रायपुर 23 नवम्बर 2024/ ETrendingIndia / Ropeway starts at Khallari Mata Temple : This temple in Bagbahara of Mahasamund district is a centre of devotion / खल्लारी माता मंदिर रोपवे ,
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबहरा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर अब रोप-वे सुविधा के साथ श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम हो गया है।
पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस पवित्र शक्ति-पीठ तक पहुंचने के लिए भक्तों को पहले 842 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं, जो बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए बड़ी चुनौती थी।

लंबे समय से इसकी मांग के बाद वर्ष 2021 में रोपवे की आधारशिला रखी गई थी और अब यह सेवा श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह चालू हो गई है।
रोप-वे का मुख्य उद्देश्य कठिन चढ़ाई से राहत दिलाकर भक्तों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से मंदिर तक पहुंचाना है। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित केबिन कुछ ही मिनटों में भक्तों को पहाड़ी की चोटी तक पहुंचाते हैं।
इससे न सिर्फ दर्शन आसान हुआ है बल्कि नवरात्र और चैत्र पूर्णिमा के दौरान लगने वाली भारी भीड़ को संभालना भी सरल हो गया है.
खल्लारी माता मंदिर, महासमुंद से लगभग 25 किमी दूर खल्लारी गांव की ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। हर साल चैत्र पूर्णिमा पर यहां भव्य मेला लगता है। पहाड़ी के दूसरी तरफ बने व्यू प्वाइंट से बागबहरा और आसपास के घने जंगलों का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है, जो प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है।
खल्लारी माता मंदिर रोपवे , मंदिर के नीचे स्थित ‘माता राउर’ मंदिर भी समान प्रतिमाओं और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

अब श्रद्धालु कम समय में सुरक्षित रूप से माता के दर्शन कर सकेंगे तथा व्यू प्वाइंट से प्राकृतिक सौंदर्य का अविस्मरणीय अनुभव ले पाएंगे।
खल्लारी जिला मुख्यालय महासमुंद और राजधानी रायपुर से अच्छे सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। रायपुर से इसकी दूरी करीब 80 km है। इसका समीप रेलवे स्टेशन भीम खोज और बागबहरा है, जो रायपुर से विशाखापटनम एवं पुरी रेलवे लाइन से जुड़ा है. इसके अलावा
रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल से उसकी दूरी 80 किलोमीटर है.
