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ETrendingIndia रायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर ₹8741 करोड़ की लागत आएगी और इससे राज्य में औद्योगिक, लॉजिस्टिक और परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। यह परियोजना 278 किलोमीटर लंबी होगी और इससे कुल 615 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाएगा।

इस रेल परियोजना के माध्यम से रायगढ़, बलौदा बाजार, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव सहित आठ जिलों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। विशेष रूप से बलौदा बाजार जैसे क्षेत्रों को पहली बार सीधी रेलवे कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे वहां के सीमेंट और इस्पात उद्योगों को नया बल मिलेगा। इसके अलावा, कृषि उत्पादों, कोयला, चूना पत्थर और लौह अयस्क जैसे संसाधनों के परिवहन में भी इस परियोजना से भारी सुधार होगा।

खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना के माध्यम से सालाना 22 करोड़ लीटर डीजल की बचत और लगभग 113 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी संभव होगी, जो पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह परियोजना लॉजिस्टिक्स लागत को कम कर व्यापारियों और उद्योगपतियों को राहत प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि इससे युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और औद्योगिक अवसर मिलेंगे। यह परियोजना निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को ‘विकास के फास्ट ट्रैक’ पर ले जाने वाली सिद्ध होगी।