रायपुर 7 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Chhattisgarh’s new project: Kharsia-Parmalkasa railway line project, land acquisition and ground work have begun./ खरसिया परमालकसा रेलवे लाइन , केंद्र सरकार के पिछले वर्ष के बजट प्रावधानों के तहत स्वीकृत खरसिया–परमलकसा डबल रेलवे लाइन परियोजना पर अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 278 किलोमीटर लंबी इस डबल लाइन के निर्माण पर लगभग 7853 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन के अंतर्गत एक अहम आधारभूत ढांचा विकास कार्य मानी जा रही है।
माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, यात्री परिवहन दबाव कम होगा
खरसिया–परमलकसा डबल लाइन से रेलवे की क्षमता बढ़ाने, माल ढुलाई सुधारने और भीड़ भाड़ वाले मार्गों का दबाव कम करने पर विशेष जोर दिया गया था। इसी कड़ी में इस कॉरिडोर को प्राथमिक परियोजना के रूप में शामिल किया गया।
8 जिलों से गुजरेगी रेलवे लाइन
इस परियोजना के लिए कुल 4625 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें 4125 एकड़ निजी और 500 एकड़ शासकीय भूमि शामिल है। यह रेल लाइन छत्तीसगढ़ के 8 जिलों—रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदाबाजार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव—से होकर गुजरेगी। रायपुर जिले से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इसी तरह बलौदाबाजार- भाटापारा, दुर्ग और राजनांदगांव जिले में अधिसूचना शीघ्र जारी की जा रही है.
21 नये स्टेशन बनेंगे?
नई डबल लाइन पर 21 नए स्टेशन, 48 बड़े पुल, 349 छोटे पुल, 14 आरओबी, 184 आरयूबी और 5 रेल फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
यह रूट हावड़ा–मुंबई मुख्य मार्ग का हिस्सा है, जहां कोयला और अन्य मालगाड़ियों का अत्यधिक दबाव रहता है। डबल लाइन बनने से कोयला परिवहन सुचारु होगा, मालगाड़ियों की गति बढ़ेगी और यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी।
एसईसी रेलवे जोन, बिलासपुर को मजबूती
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के लिए यह परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और रायपुर को बायपास कर मालगाड़ियों के संचालन से जोन की परिचालन क्षमता और राजस्व दोनों बढ़ेंगे।
पर्यावरण और आर्थिक लाभ
इस रूट पर मेल, एक्सप्रेस और सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों के साथ सालाना 21 से 38 मिलियन टन माल ढुलाई संभव होगी। विद्युतीकरण के कारण प्रतिवर्ष 113 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी, जो लगभग 4.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। इससे छत्तीसगढ़ की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
