Share This Article भोपालर, 09 सितंबर। Kisan Kalyan Varsh : मध्यप्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर सरकार का फोकस लगातार बढ़ रहा है। बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि कृषि को केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बनाया जाना चाहिए। कृषि बनेगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और समृद्धि की बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से दुग्ध उत्पादन, श्रीअन्न, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसे क्षेत्रों में रुचि के अनुसार नई शुरुआत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक किसानों के साथ खड़ी है। बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजनों के जरिए किसानों को कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर मिल रहा है। उन्नत बीज और आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी कमाई मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत कम की जा सकती है। किसानों को बेहतर कृषि उपकरण और नई तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्राकृतिक खेती के जरिए किसान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल कर सकते हैं। सिंचाई-बिजली से लेकर ग्रामीण रोजगार तक सरकार का फोकस डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई और पर्याप्त बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही कृषि के साथ पशुपालन, पर्यटन और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग और कृषि वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन लेकर आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। गौशाला और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के जरिए भी ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष में ब्याजमुक्त ऋण और बीज पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ और रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि 6-6 महीने से बढ़ाकर अब एक वर्ष कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया गया है। सरकार का उद्देश्य खेती को अधिक उत्पादक और किसानों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। प्रगतिशील किसानों और मेधावी छात्रों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कृषि गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। संरक्षित खेती, औषधीय खेती, कस्टम हायरिंग सेंटर, ई-कृषि यंत्र अनुदान, डेयरी प्लस, गौ-मैत्री योजना, प्राकृतिक खेती और मत्स्य बीज उत्पादन के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषकों को सम्मान मिला। इसके साथ ही शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निवाड़ी की छात्रा शिवानी कुशवाहा को कक्षा 10वीं की परीक्षा में प्रदेश की प्रवीण सूची में 9वां स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। जिले के अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं का भी सम्मान किया गया। Share This Article Post navigation BEE’AH मुख्यालय में ग्रुप CEO खालिद अल हुरैमल से मुलाकात, इंदौर के सॉलिड वेस्ट और बायो-CNG मॉडल को लेकर सहयोग की संभावनाएं तलाशीं MP Investment News : दुबई में CM मोहन यादव का बड़ा दांव, मध्यप्रदेश को मिले ₹53 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव