Share This Article ETrendingIndia कोसारटेडा जलाशय से सिंचाई के लिए तीसरी बार पानी छोड़ा गया है, जिससे बस्तर अंचल के किसानों को बड़ी राहत मिली है। रबी फसलों की सिंचाई के लिए लंबे समय से किसान जलापूर्ति की मांग कर रहे थे। जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर 1 अप्रैल 2025 को सिंचाई विभाग ने 6 एमसीएम जल नहरों के माध्यम से छोड़ा, जिससे किसानों की समस्या हल हो गई। गौरतलब है कि इंद्रावती बचाओ संघर्ष समिति के किसानों सहित खण्डसरा, नहरनी, केशरापाल, कुम्हली, फ़ाफनी, मूरकुची, बेसोली, बाकेल, सोरगांव, भानपुरी और फरसागुड़ा के किसानों ने सिंचाई के लिए पानी की मांग की थी। मंत्री केदार कश्यप को दिए गए ज्ञापन के बाद अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन किया और कोसारटेडा जलाशय से सिंचाई हेतु जल छोड़े जाने का निर्णय लिया। अब तक इस जलाशय से कुल 10 एमसीएम पानी सिंचाई के लिए दिया जा चुका है। किसानों ने मंत्री श्री केदार कश्यप के इस प्रयास की सराहना की और सरकार से जल्द ही नए जलाशयों के निर्माण की मांग की। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि श्री विष्णुदेव साय सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देगी और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। कोसारटेडा जलाशय से सिंचाई के लिए पानी जारी होने से बस्तर अंचल के हजारों किसानों को राहत मिली है, जिससे उनकी रबी फसल सुरक्षित रहेगी। Share This Article Post navigation प्रोजेक्ट उन्नति से मिली नई राह, मुंगेली के दीपक सिंह बने सफल उद्यमी नियद नेल्ला नार योजना: पुसकोंटा में विकास की नई सुबह