Share This Article रायपुर, 23 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के निवासी सुरेश राजपूत ने पशुधन विकास विभाग की कृत्रिम गर्भाधान योजना का लाभ लेकर अपने पशुधन की नस्ल में सुधार किया है। योजना के तहत उनके पशु से उन्नत नस्ल की स्वस्थ मादा बछिया का जन्म हुआ है, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन और आय बढ़ने की उम्मीद है। यह योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक मजबूती का माध्यम बन रही है। मोबाइल वेटरिनरी यूनिट से मिली सहायता सुरेश राजपूत ने बताया कि मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की टीम ने उन्हें कृत्रिम गर्भाधान योजना की जानकारी दी। पशु के हीट में आने पर उन्होंने 1962 हेल्पलाइन पर सूचना दी, जिसके बाद विभाग की टीम घर पहुंची और सफलतापूर्वक कृत्रिम गर्भाधान किया। दूध उत्पादन और आय में होगी वृद्धि उन्नत नस्ल की बछिया के जन्म से भविष्य में अधिक दूध उत्पादन की संभावना बढ़ गई है। इससे डेयरी व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और परिवार की आय में भी वृद्धि होगी। सुरेश अब अपने अन्य पशुओं का भी कृत्रिम गर्भाधान करा रहे हैं तथा आसपास के पशुपालकों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सरकारी योजना बनी सहारा सुरेश राजपूत ने समय पर तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन के लिए पशुधन विकास विभाग का आभार जताया। यह उदाहरण बताता है कि वैज्ञानिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण पशुपालक अपने पशुधन की गुणवत्ता सुधारकर आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। Share This Article Post navigation नारायणपुर : कोसापालन ने बदली वनांचल की तकदीर…रेशम से बुना जा रहा आत्मनिर्भरता का ताना-बाना बिहान योजना : महुआ के अचार और शहद ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी…