Share This Article भोपाल, 05 सितंबर 2026/ Madhya Pradesh : शिक्षक दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश सामने आए। आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह-2026 में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा की कि जिन वरिष्ठ शिक्षकों को जरूरत है, उनके लिए ऑफलाइन टीईटी परीक्षा आयोजित कराने के प्रयास और आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। ‘शिक्षक राष्ट्र निर्माण की भावी पीढ़ी के शिल्पकार’ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका घर है, जहां माता-पिता उन्हें प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार देते हैं, लेकिन शिक्षक उनके व्यक्तित्व को ज्ञान, संस्कार और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की क्षमता, रुचि और जिज्ञासाओं को समझते हुए आत्मीयता और धैर्य के साथ पढ़ाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि बच्चे विकसित भारत के कर्णधार हैं और शिक्षक इन कर्णधारों के शिल्पकार हैं। इसलिए शिक्षकों को स्वयं ज्ञान और नैतिक मूल्यों का आदर्श बनकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर काम करना चाहिए। CM मोहन यादव बोले- ‘जहां गुरूर खत्म, वहीं गुरु की दृष्टि शुरू’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अनुपम धरोहर बताते हुए कहा कि “जहां गुरूर खत्म होता है और गुण शुरू होता है, वहीं गुरु की दृष्टि पैदा होती है।” उन्होंने कहा कि गुरु की दृष्टि से ही शिक्षित समाज का निर्माण होता है। शिक्षक स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर विद्यार्थियों के जीवन को ज्ञान और संस्कारों से रोशन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का नक्शा कागज पर बनता है, लेकिन देश की किस्मत कक्षाओं में शिक्षक बनाते हैं। वरिष्ठ शिक्षकों के लिए ऑफलाइन TET का ऐलान शिक्षकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जिन वरिष्ठ शिक्षकों को टीईटी परीक्षा देने की जरूरत है, उनके लिए ऑफलाइन टीईटी परीक्षा कराने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की बेहतरी और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को और मजबूत किया जाएगा। शिक्षा में अपडेशन, अपग्रेडेशन और इनोवेशन पर जोर राज्यपाल ने कहा कि बदलती दुनिया में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह सकती। वैश्विक जरूरतों और रोजगार के बदलते अवसरों के अनुरूप शिक्षा में लगातार अपडेशन, अपग्रेडेशन और इनोवेशन जरूरी है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ने, कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के बीच की दीवारें कम करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने शिक्षकों से केवल पाठ पढ़ाने के बजाय विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने और उन्हें सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। उत्कृष्ट शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये समारोह में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के तहत उत्कृष्ट शिक्षकों तथा पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये की नगद सम्मान राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और उनके परिजन मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 के संकल्प को पूरा करने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में भी काम कर रही है। Share This Article Post navigation मुख्यमंत्री ने किया देश की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के पहले पावर ट्रांसफॉर्मर के रोलआउट का शुभारंभ MP में बारिश-बाढ़ को लेकर CM मोहन यादव अलर्ट, बोले- मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सावधान रहें अधिकारी