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रायपुर 21 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Unique 2000-year-old stone labyrinth discovered in Maharashtra / महाराष्ट्र पत्थर भूलभुलैया , महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के बोरामणी क्षेत्र में स्थित घास के मैदान में पुरातत्वविदों ने एक दुर्लभ और ऐतिहासिक संरचना की खोज की है। यहां लगभग 2000 वर्ष पुरानी विशाल गोलाकार पत्थर भूलभुलैया मिली है, जिसे भारत में अब तक की सबसे बड़ी गोलाकार भूलभुलैया माना जा रहा है।

पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, यह संरचना करीब 50×50 फीट के क्षेत्र में फैली हुई है और इसमें 15 संकेन्द्रीय (एक के भीतर एक) पत्थर के वृत्त बने हुए हैं। इसकी बनावट अत्यंत सटीक और योजनाबद्ध है, जो उस समय की उन्नत स्थापत्य और गणितीय समझ को दर्शाती है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह भूलभुलैया सातवाहन काल की हो सकती है। इसके पैटर्न और संरचना में ऐसे संकेत मिले हैं, जो उस दौर में भारत और रोम के बीच रहे व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्कों की ओर इशारा करते हैं।

माना जा रहा है कि इस प्रकार की भूलभुलैया का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों, सांकेतिक मार्गदर्शन या सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।

यह खोज न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की पुरातात्विक धरोहर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि विस्तृत अध्ययन और संरक्षण के बाद यह स्थल इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।