रायपुर 18 अप्रैल 2026 / ETrendingIndia / : लोकसभा में महिला आरक्षण बिल असफल, नहीं मिला जरूरी बहुमत
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल असफल हो गया। इस बिल को पास करने के लिए 2/3 बहुमत जरूरी था। हालांकि, सरकार को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। कुल 298 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में वोट दिया। इसलिए यह बिल पारित नहीं हो सका।
सरकार को लगा बड़ा झटका, विपक्ष ने किया कड़ा विरोध
इस फैसले से सरकार को बड़ा झटका लगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले विपक्ष से समर्थन की अपील की थी। लेकिन विपक्ष ने बिल का विरोध किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने इसे चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश बताया।
इसके अलावा, विपक्ष का कहना था कि यह मुद्दा महिला सशक्तिकरण से नहीं जुड़ा है। बल्कि इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया है, जिससे विवाद बढ़ा।
अन्य बिलों पर भी रोक, सरकार ने लिया बड़ा फैसला
इसके बाद सरकार ने अन्य दो बिलों पर आगे बढ़ने से इनकार कर दिया। इनमें यूनियन टेरिटरी कानून संशोधन बिल और परिसीमन बिल शामिल थे। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया कि अब इन बिलों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी कहा कि आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण बिल असफल रहा।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्माहट
अंत में, महिला आरक्षण बिल असफल होने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ सरकार इसे सुधार का कदम बता रही थी। वहीं, विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति मान रहा है। इस प्रकार, आने वाले चुनावों पर इसका असर पड़ सकता है।
