Share This Article मुंबई, 30 अक्टूबर। Manoj Modi Reliance : देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज की सफलता के पीछे कई ऐसे चेहरे हैं, जो भले ही मीडिया की सुर्खियों से दूर रहते हों, लेकिन कंपनी के बड़े फैसलों और महत्वपूर्ण परियोजनाओं में उनकी भूमिका रही है। इन्हीं में एक नाम मनोज मोदी का है। उन्हें मुकेश अंबानी का करीबी दोस्त और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। कारोबारी जगत में उन्हें ‘MM’ और मुकेश अंबानी का राइट हैंड भी कहा जाता है। कॉलेज के दिनों से शुरू हुई दोनों की दोस्ती चार दशक से अधिक समय से चली आ रही है। आइए जानते हैं कौन हैं मनोज मोदी और रिलायंस के कारोबार में उनकी क्या भूमिका रही है। कॉलेज में शुरू हुई थी मुकेश अंबानी और मनोज मोदी की दोस्ती मनोज मोदी और मुकेश अंबानी की मुलाकात मुंबई के यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (UDCT) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। इस संस्थान को अब इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) के नाम से जाना जाता है। दोनों ने यहां केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। कॉलेज के दिनों में शुरू हुई दोस्ती आगे चलकर पेशेवर साझेदारी में बदल गई। मुकेश अंबानी ने अपने पिता धीरूभाई अंबानी के कारोबार में सक्रिय भूमिका संभाली, वहीं मनोज मोदी रिलायंस समूह से जुड़कर कंपनी की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का हिस्सा बने। कौन हैं मनोज मोदी, जिन्हें कहा जाता है मुकेश अंबानी का राइट हैंड? मनोज मोदी रिलायंस समूह के वरिष्ठ अधिकारियों और रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। वह लंबे समय से कंपनी के कारोबार, परियोजनाओं की योजना और उनके क्रियान्वयन से जुड़े रहे हैं। उनकी खासियत बड़े कारोबारी फैसलों को जमीन पर उतारने और जटिल परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मानी जाती है। यही वजह है कि उन्हें मुकेश अंबानी का बेहद भरोसेमंद सहयोगी कहा जाता है। हालांकि, मनोज मोदी सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं। हजीरा से जामनगर रिफाइनरी तक निभाई अहम भूमिका रिलायंस के औद्योगिक विस्तार में गुजरात के हजीरा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और जामनगर रिफाइनरी जैसी बड़ी परियोजनाओं का विशेष स्थान है। कारोबारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज मोदी इन परियोजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण टीमों का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा रिलायंस के टेलीकॉम, डिजिटल और रिटेल कारोबार के विस्तार में भी उन्होंने जिम्मेदारियां निभाईं। कंपनी के पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर नए बाजारों में प्रवेश करने के दौरान उनका अनुभव महत्वपूर्ण रहा। जियो और फेसबुक की 5.7 अरब डॉलर की डील में भी रही भूमिका साल 2020 में रिलायंस की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स और अमेरिकी कंपनी फेसबुक के बीच बड़ा निवेश समझौता हुआ था। फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 5.7 अरब डॉलर यानी उस समय लगभग 43,574 करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया था। इस समझौते को भारतीय डिजिटल बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारोबारी घटनाक्रम माना गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बड़ी डील से जुड़ी बातचीत और समझौते को आगे बढ़ाने में मनोज मोदी की अहम भूमिका रही थी। अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी के साथ भी जुड़ाव मनोज मोदी का रिलायंस के साथ जुड़ाव मुकेश अंबानी के साथ काम करने तक सीमित नहीं है। वह अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी के कारोबार और समूह की नई परियोजनाओं से भी जुड़े रहे हैं। आकाश अंबानी जियो, ईशा अंबानी रिटेल और अनंत अंबानी समूह के अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। ऐसे में रिलायंस के अनुभवी अधिकारियों की भूमिका कंपनी की भविष्य की योजनाओं में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। लाइमलाइट से दूर रहकर बड़े फैसलों में योगदान मनोज मोदी की पहचान ऐसे कारोबारी सहयोगी के रूप में बनी है, जिन्होंने लंबे समय तक मुकेश अंबानी के साथ काम किया और रिलायंस की कई बड़ी परियोजनाओं में योगदान दिया। कॉलेज के दिनों से शुरू हुई दोस्ती ने समय के साथ भरोसेमंद पेशेवर रिश्ते का रूप लिया। यही वजह है कि भारतीय कॉरपोरेट जगत में मनोज मोदी का नाम मुकेश अंबानी के सबसे करीबी सहयोगियों में लिया जाता है। Share This Article Post navigation भारतीय दवाओं की दुनिया में बढ़ी मांग…पहली छमाही में निर्यात 16.14 अरब डॉलर