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रायपुर, 13 जून 2026/ ETrendingIndia / “Pradhan Mantri Dhan-Dhana Yojana and Matsya Sampada Yojana: Monthly income of 50 thousand rupees from fish farming transformed the life of Neeraj Gupta.” केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण किसानों के जीवन में नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं।

प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है और वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

मछली पालन क्षेत्र के सतत और समग्र विकास के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है।

इसका मुख्य उद्देश्य देश में मछली उत्पादन को बढ़ाना, मछुआरों व मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पालनर के किसान श्री नीरज गुप्ता इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं।

खेती पर थी पूरी निर्भरता

     कुछ वर्ष पहले तक श्री नीरज गुप्ता की आजीविका मुख्य रूप से खेती पर निर्भर थी। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। वे आय बढ़ाने के लिए किसी अतिरिक्त रोजगार की तलाश में थे।

     इसी दौरान उन्हें मत्स्य विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिली। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और योजना के तहत प्राप्त अनुदान से उन्होंने तालाब का निर्माण कराया और लगभग दो वर्ष पूर्व मछली पालन का कार्य शुरू किया। 

प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना ने भी उन्हें कृषि आधारित आयवर्धन गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

मेहनत और तकनीक ने दिलाई सफलता

     शुरुआती दौर में मछली पालन की तकनीकी जानकारी हासिल करना और तालाब प्रबंधन सीखना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।

लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत की। गुणवत्तायुक्त मछली बीज का चयन, संतुलित आहार प्रबंधन और तालाब की नियमित देखरेख से उत्पादन में लगातार वृद्धि होती गई।

विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आज हर माह हो रही 50 हजार रुपये की आय

     निरंतर प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि आज श्री नीरज गुप्ता मछली पालन से प्रतिमाह लगभग 50 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को पूरा करना अब पहले की अपेक्षा अधिक आसान हो गया है।