Share This Article ETrendingIndia रायपुर/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति श्री इमैनुएल मैक्रों ने 12 फरवरी 2025 को फ्रांस के कैडारैचे में स्थित अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (आईटीईआर) संयंत्र का दौरा किया। इस परियोजना में भारतीय वैज्ञानिकों और कंपनियों का अहम योगदान है, जिसमें लगभग 200 भारतीय वैज्ञानिक और प्रमुख कंपनियां जैसे एलएंडटी, आईनॉक्स इंडिया और टीसीएस शामिल हैं। यह संयंत्र संलयन ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। आईटीईआर का उद्देश्य 500 मेगावाट संलयन ऊर्जा का उत्पादन करना है, जो स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस दौरे के दौरान, दोनों नेताओं ने आईटीईआर की प्रगति की सराहना की, खासकर दुनिया के सबसे बड़े टोकामाक की असेंबली की। आईटीईआर परियोजना में भारत पिछले दो दशकों से सक्रिय रूप से भाग ले रहा है, और यह भारत-फ्रांस सहयोग का एक उदाहरण है। इसी दिन, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने मार्सिले में भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन भी किया, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर है। महावाणिज्य दूतावास फ्रांस के दक्षिणी क्षेत्रों में भारत के वाणिज्यिक और सांस्कृतिक संपर्कों को बढ़ावा देगा। *शहीद भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि* दोनों नेताओं ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। Share This Article Post navigation अमेरिकी सेना ने सोमालिया में आतंकियों पर किया हवाई हमला महाराष्ट्र का ग्रामीण उत्थान: पंद्रहवां वित्त आयोग अनुदान से ₹620 करोड़ की सौगात