Share This Article रायपुर, 11 सितंबर 2026। ETrendingIndia / भारत में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले चीन ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। चीन ने कहा है कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखते हुए मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाना चाहिए। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। लगातार तीसरे साल मोदी-शी की मुलाकात चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि कजान और तियानजिन में हुई पिछली मुलाकातों के बाद यह लगातार तीसरा साल होगा, जब मोदी और शी की मुलाकात होगी। चीन ने दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के अनुरूप संवाद और सहयोग बढ़ाने की बात कही है। ‘ अच्छे पड़ोसी और साझेदार बनकर आगे बढ़ें’ चीन ने कहा कि भारत और चीन को संवाद मजबूत करना चाहिए, सहयोग बढ़ाना चाहिए और मतभेदों को उचित तरीके से संभालना चाहिए। बीजिंग ने दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की मदद करने वाले साझेदार के रूप में आगे बढ़ने की बात कही। सात साल बाद भारत आएंगे शी शी चिनफिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह करीब सात साल में उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इससे पहले उन्होंने 2019 में मामल्लपुरम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक की थी। BRICS में शांति और संवाद पर चीन का जोर चीन ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के संघर्षों के बीच BRICS देशों को संवाद और बातचीत के जरिए विवादों के समाधान तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति-स्थिरता के लिए काम करना चाहिए। चीन BRICS को ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण सहयोग मंच मानता है। भारत की मेजबानी में 18वां BRICS सम्मेलन भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस साल भारत BRICS का अध्यक्ष है और सम्मेलन का जोर लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास जैसे मुद्दों पर है। Share This Article Post navigation IND-RUS की नई डिफेंस डील से AMCA को मिल सकता है बड़ा बूस्ट, 177S इंजन पर टिकी नजरें मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात… रूस यात्रा का मिला न्योता ; शांति पर भारत का जोर