मृगनयनी ब्रांड विस्तार
मृगनयनी ब्रांड विस्तार
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रायपुर 26 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / मृगनयनी ब्रांड विस्तार , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैण्डलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों और लाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए।

इन ब्राण्डों की फ्रेंचाइजी भी निजी उद्यमियों और समूहों को प्रदान की जाए। लाड़ली बहनों को लूम तथा चरखे उपलब्ध कराकर उत्पादन आरंभ करने के लिए चयनित जिलों में पॉयलेट प्रोजेक्ट लिए जाएं। इस गतिविधि में निजी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाए।

प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति दर्ज कराई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्राण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों तथा लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकीकृत रूप से किया जाए।

मृगनयनी ब्रांड विस्तार , बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टोल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टोल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार माँ अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के उपलक्ष में महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन के अनुसार मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार कराई जा रही हैं।

रेशम समृद्धि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इंदौर में 7 मार्च को आयोजित साड़ी वॉकथान में 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। कुनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्रॉफ्ट पर चीता थीम पर नए गिफ्ट आयटम बनाए जा रहे हैं। ।