Share This Article रायपुर 21 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / धान खरीदी और परिवहन में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश मुंगेली धान घोटाला खुलासा के तहत जिले में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है।पहले, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त जांच में इस घोटाले का खुलासा हुआ।इसके साथ ही, राइस मिलरों और समिति प्रबंधकों की मिलीभगत सामने आई।इस कारण शासन को 8 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन से हुआ घोटाला मुंगेली धान घोटाला खुलासा में आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर के अलर्ट ने अहम भूमिका निभाई।जांच में पाया गया कि वाहनों द्वारा 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक ओवरलोडिंग की गई।इसके बाद, कलेक्टर कुंदन कुमार और एसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर कार्रवाई तेज हुई।इस प्रकार अवैध परिवहन का पूरा नेटवर्क उजागर हुआ। फर्जी दस्तावेज और फर्जी वाहन नंबरों का इस्तेमाल मुंगेली धान घोटाला खुलासा के दौरान गंभीर तथ्य सामने आए।जैसे, फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और पीडीएस चावल का वितरण नहीं किया गया।इसके अलावा, फर्जी वाहन नंबरों से धान परिवहन दर्शाया गया।कुल मिलाकर 11 लाख क्विंटल से अधिक धान में गड़बड़ी के प्रमाण मिले हैं। उपार्जन केंद्रों और राइस मिलों पर कार्रवाई मुंगेली धान घोटाला खुलासा में कई उपार्जन केंद्र और राइस मिल जांच के दायरे में आए।नवागांव घुठेरा समिति और उपलेटा राइस मिल पर गंभीर आरोप लगे।साथ ही, सिंघनुपरी, छटन और झगरहट्टा केंद्रों में भी अनियमितताएं पाई गईं।इसके परिणामस्वरूप राइस मिल संचालक, समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार किए गए। चार आरोपी गिरफ्तार, कई फरार मुंगेली धान घोटाला खुलासा मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।हालांकि, अब्दुल समद, ललित जैन, नवेंद मेनन और अनिल जांगड़े फरार बताए जा रहे हैं।पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।अंत में, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।निष्कर्षतः, यह कार्रवाई धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है। Share This Article Post navigation गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बिलासपुर में ध्वजारोहण करेंगे साय कैबिनेट के बड़े फैसले: नई आबकारी नीति, नवा रायपुर में राष्ट्रीय संस्थान और स्टार्टअप हब को हरी झंडी