Share This Article रायपुर, 5 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / बस्तर की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से नई पहचान देने के उद्देश्य से जगदलपुर में आयोजित ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कैनवास कार्यशाला में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उतारकर रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने सिखाईं कार्टून और कैरिकेचर की तकनीकें कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ कार्टूनिस्टों और कला विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर बनाने की बुनियादी तकनीकें सिखाईं। उन्होंने बताया कि किसी भी चित्र की अच्छी शुरुआत सही सर्किल बनाने से होती है। इसके साथ ही रफ स्केच, आउटलाइन, रंगों के चयन और चेहरे के भावों को प्रभावी ढंग से चित्रित करने के तरीके भी बच्चों को सरल भाषा में समझाए गए। प्रशिक्षण से बढ़ा बच्चों का आत्मविश्वास स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र वंश साहू ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और कला के प्रति उनकी रुचि और मजबूत हुई है। चरणबद्ध मार्गदर्शन से आसान हुई चित्रकला सेजेस शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 की छात्राएं भारती पांडे और पूनम ध्रुव ने कहा कि पहले उन्हें चित्र बनाने की सही शुरुआत की जानकारी नहीं थी, लेकिन विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से अब वे आसानी से कार्टून और कैरिकेचर बना पा रही हैं। कल्पनाशीलता को मिली नई दिशा सेजेस नानगुर की छात्राएं अंजलि नाग और नैना मरकाम तथा सेजेस जगदलपुर की छात्रा अक्षिता बाजपेई ने बताया कि वरिष्ठ कलाकारों का मार्गदर्शन उनकी कल्पनाशीलता को नई दिशा देगा और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। बस्तर की सकारात्मक छवि को मिलेगा नया मंच यह कार्यशाला बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ कला के माध्यम से बस्तर की शांतिपूर्ण, रचनात्मक और मुस्कुराती हुई पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इससे बस्तर की सकारात्मक छवि को व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है। Share This Article Post navigation Tamil Nadu CM Vijay : जन नायकन ने की बंपर कमाई… बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म Lalit Kala Akademi : ललित कला अकादमी ने मनाया गया 72 वां स्थापना दिवस