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मुंबई, 20 सितंबर 2026। Mutual Fund News : शेयर बाजार में कमजोर प्रदर्शन का असर अब सूचीबद्ध एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। PL Capital की 18 सितंबर 2026 की सेक्टर रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों के इक्विटी फंड प्रदर्शन में कमजोरी के कारण नई इक्विटी निवेश राशि में बड़ी AMCs की हिस्सेदारी घटी है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि यह दबाव मध्यम अवधि में कम हो सकता है और वित्त वर्ष 2027-29 के दौरान सूचीबद्ध AMCs की कमाई में सुधार की संभावना है।

नई इक्विटी निवेश राशि में बड़ी कंपनियों की पकड़ हुई कमजोर

PL Capital के अनुसार, NFO को छोड़कर अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान इक्विटी फंड में आने वाली नई रकम में शीर्ष तीन AMCs की हिस्सेदारी घटकर 34 प्रतिशत रह गई, जो वित्त वर्ष 2025-26 में 42 प्रतिशत थी। इसी अवधि में शीर्ष 10 कंपनियों की हिस्सेदारी भी 73 प्रतिशत से घटकर 65 प्रतिशत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कमजोर रिटर्न के कारण निवेशकों की नई रकम अब पहले की तुलना में ज्यादा AMCs और फंड श्रेणियों में बंट रही है।

Flexi Cap और Mid Cap फंड की ओर बढ़ा निवेश का रुख

ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों का रुझान सेक्टोरल, थीमैटिक और लार्ज-कैप फंडों से हटकर Flexi Cap, Mid Cap, Small Cap और Multi-Asset जैसी श्रेणियों की ओर बढ़ा है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली श्रेणियों में अधिक निवेश जाने से बड़ी AMCs की नई इक्विटी रकम जुटाने में हिस्सेदारी प्रभावित हुई है।

इस बदलाव का असर AMCs की कमाई पर भी पड़ सकता है, क्योंकि नई इक्विटी रकम और प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में हिस्सेदारी उनके कारोबार और शुल्क आय से जुड़ी होती है। PL Capital ने वित्त वर्ष 2026-27 में सूचीबद्ध AMCs के मुख्य कारोबार से जुड़े मुनाफे की वृद्धि करीब 10 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

Mutual Fund Industry का AUM 87 लाख करोड़ रुपये के पार

बड़ी AMCs पर दबाव के बावजूद भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग का आकार लगातार बढ़ रहा है। AMFI के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को उद्योग की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (AUM) 87.08 लाख करोड़ रुपये थीं। अगस्त 2026 का औसत AUM 88.31 लाख करोड़ रुपये रहा। इसी समय कुल म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या 28.35 करोड़ थी।

अगस्त 2026 में SIP के जरिए भी 32,297 करोड़ रुपये का निवेश आया। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश का आधार बना हुआ है।

Listed AMC शेयरों में भी दिखा दबाव

PL Capital की रिपोर्ट में कहा गया है कि सूचीबद्ध AMCs के शेयरों पर कमजोर इक्विटी रिटर्न और बाजार हिस्सेदारी में बदलाव का असर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, निकट अवधि में वैश्विक और व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के कारण इक्विटी रिटर्न पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे माहौल में AMCs की मुख्य कमाई की वृद्धि भी कुछ समय के लिए धीमी रह सकती है।

हालांकि, ब्रोकरेज का आकलन है कि यह स्थिति लंबी अवधि तक बनी रहना जरूरी नहीं है। म्यूचुअल फंड उद्योग के लगातार विस्तार और निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के बीच सूचीबद्ध AMCs की मुख्य कमाई वित्त वर्ष 2027 से 2029 के बीच औसतन करीब 16 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ सकती है।

HDFC AMC और ICICI Prudential AMC पर PL Capital की नजर

PL Capital ने सेक्टर में HDFC AMC और ICICI Prudential AMC को अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया है। हालांकि यह ब्रोकरेज का आकलन है, निवेशकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी कंपनी की भविष्य की कमाई या शेयर प्रदर्शन निश्चित नहीं होता।

कुल मिलाकर, रिपोर्ट में AMCs के सामने निकट अवधि की चुनौतियों के साथ मध्यम अवधि में सुधार की संभावना भी बताई गई है। बड़ी कंपनियों की नई इक्विटी निवेश हिस्सेदारी में कमी के बावजूद भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग का AUM और SIP आधार लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र के लिए आगे विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है।


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