Share This Article रायपुर, 30 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ में अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के दंपति अंजना राजा और पट्टाबिरामन वेंकटेसन ने मौत को बेहद करीब से देखा। बस की ओर 60-70 फीट ऊंची पानी-मलबे की लहर आती देख दोनों बस से कूदे और जान बचाने के लिए कुछ ही पलों में करीब 500 सीढ़ियां चढ़कर ऊंचाई पर पहुंच गए। बस की ओर बढ़ रही थी ‘मौत की दीवार’ नेपाल के रसुवा जिले के तिमुरे क्षेत्र में दंपति तिब्बत की यात्रा पर जा रहा था। तभी पहाड़ से पानी और मलबे की विशाल लहर तेजी से उनकी बस की ओर बढ़ी। हालात देखकर दोनों ने तुरंत बस छोड़कर भागने का फैसला किया। पहाड़ की ओर दौड़ कर पहुंचे सुरक्षित जगह दंपति ने संकरे और फिसलन भरे रास्ते से पहाड़ की ओर दौड़ लगाई। स्थानीय गाइड की मदद से वे करीब 500 सीढ़ियां चढ़कर ऊंचाई पर पहुंचे और बाढ़ की चपेट में आने से बच गए। रास्ते में उन्होंने घरों और पुलिस चौकी को मलबे में बहते देखा। बकरी के तबेले में गुजारी रात बाढ़ के बाद दंपति ने स्थानीय लोगों और अन्य पर्यटकों के साथ बकरी के तबेले में रात बिताई। अगले दिन उन्हें हेलीकॉप्टर से सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह भी रही कि उनकी बस में सवार अन्य यात्री भी बच गए। ‘ एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा’ अंजना ने बताया कि भयावह हालात में भी उन्होंने अपने साथी का साथ नहीं छोड़ा। उनका कहना था कि उस समय बस एक ही लक्ष्य था—किसी भी तरह जान बचाना। दंपति ने इस बचाव को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया। नेपाल की इस भीषण आपदा में सैकड़ों लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। दंपति की कहानी बताती है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान कुछ सेकंड में लिया गया सही फैसला जीवन बचा सकता है। Share This Article Post navigation नेपाल की बाढ़ का खौफनाक असर, गंडक नदी में बहकर आ रहे इंसानी और जानवरों के शव; बिहार में दहशत 9/11 केस में बड़ा झटका : खालिद शेख मोहम्मद का FBI के सामने कबूलनामा खारिज…