रायपुर 26 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / नवजात रिफ्लेक्स स्माइल , माता-पिता, पालकों और पूरे परिवार के लिए खुशी का पहला उपहार होता है, घर में आए नन्हे प्यारे बच्चे की मुस्कान …,
नवजात की हल्की-सी मुस्कान माता-पिता और परिवार के लिए अत्यंत भावुक और सुखद पल बन जाती है। यह मुस्कान भले ही भावनाओं से प्रेरित न हो, लेकिन माता-पिता के लिए यह नए जीवन से बनने वाले भावनात्मक जुड़ाव की शुरुआत होती है। बच्चों की यह अनायास मुस्कान माता-पिता को अपने शिशु के विकास पर गर्व और आश्वासन देती है।
सागर मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल, भोपाल की शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ प्रिया शर्मा बताती हैं कि नवजात शिशु अपनी नींद का बड़ा हिस्सा ऐक्टिव या REM स्लीप में बिताते हैं। इसी दौरान उनके चेहरे की मांसपेशियाँ हल्के-हल्के सक्रिय होती हैं, और परिणामस्वरूप रिफ्लेक्स स्माइल दिखाई देती है।

यह मुस्कान किसी भी भावना, सपने या सजग प्रतिक्रिया का परिणाम नहीं होती, बल्कि मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास का स्वाभाविक संकेत है।

मुस्कुराते क्यों हैं नवजात ? —
वैज्ञानिक कारण
- नर्वस सिस्टम का विकास
शिशु का मस्तिष्क तेजी से विकसित हो रहा होता है। इसी प्रक्रिया में मांसपेशियों तक स्वतः भेजे गए न्यूरल संकेत चेहरे पर मुस्कान का रूप लेते हैं।
- REM नींद की गतिविधि
नींद के REM चरण में मस्तिष्क सक्रिय रहता है। यही सक्रियता चेहरे की हलचल और मुस्कराहट पैदा करती है।
- पाचन से जुड़ी प्रतिक्रियाएँ
कभी-कभी गैस या पेट की हलचल भी शिशु के चेहरे पर हल्की मुस्कान ला सकती है।
- शुरुआती स्मृतियाँ (कुछ विशेषज्ञों के मत)
कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि शुरुआती महीनों में शिशु दिनभर के अनुभवों को नींद में पुनर्संगठित करते हैं, जिससे मुस्कान दिख सकती है।
मुस्कान से जुड़े मिथक
मिथक 1: शिशु सपना देखकर मुस्कुराते हैं
सच यह है कि नवजात शिशुओं के सपने वयस्कों जैसे नहीं होते। नींद में दिखने वाली मुस्कान रिफ्लेक्स होती है, सपनों का परिणाम नहीं।
मिथक 2: मुस्कुराहट का मतलब है कि बच्चा खुश है
शुरुआती मुस्कानें भावनात्मक नहीं होतीं। वास्तविक सामाजिक मुस्कान लगभग 6–8 हफ्ते में विकसित होती है।
शिशु को मुस्कुराने के लिए कैसे प्रोत्साहित करें?
चेहरे से चेहरे की बातचीत करें
धीमी आवाज़ में बात करें या गुनगुनाएँ
नरमी से आंखों में आंखें डालें
रंगीली वस्तुएँ दिखाएँ
त्वचा से त्वचा का स्पर्श (Skin-to-skin contact) बढ़ाएँ
ये उपाय सामाजिक मुस्कान विकसित होने के बाद अधिक प्रभावी होते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर शिशु तीन महीने की उम्र तक सामाजिक मुस्कान नहीं दिखाता, तो बालरोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है।
नवजात की मुस्कान विकास की एक खूबसूरत और वैज्ञानिक प्रक्रिया है. इसे संजोएँ, क्योंकि यह आपके बच्चे की अद्भुत यात्रा की शुरुआत है।
