रायपुर / ETrendingIndia / उत्तर कोरिया परमाणु डोमिनो चेतावनी: क्षेत्र में बढ़ेगी हथियारों की दौड़
उत्तर कोरिया ने अमेरिका के ताज़ा फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अमेरिका ने हाल ही में दक्षिण कोरिया की परमाणु पनडुब्बी कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसी कारण उत्तर कोरिया परमाणु डोमिनो प्रभाव की आशंका जता रहा है।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया समझौते पर प्योंगयांग की नाराज़गी
प्योंगयांग ने कहा कि यह निर्णय क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करेगा। इसके अलावा, उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच जारी संयुक्त फैक्ट शीट की आलोचना की।
फैक्ट शीट में हाल ही में व्हाइट हाउस और ग्योंगजू में हुए दो महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलनों के परिणाम शामिल थे। राष्ट्रपति ली जे म्युंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच ये बैठकें व्यापार और सुरक्षा पर केंद्रित थीं।
परमाणु पनडुब्बी को हथियारकरण की दिशा में कदम
उत्तर कोरिया ने कहा कि दक्षिण कोरिया की परमाणु पनडुब्बी क्षमता सीधे तौर पर हथियारकरण की दिशा में कदम है। इसलिए, यह कार्रवाई क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकती है।
उन्होंने दावा किया कि ऐसे कदमों से उत्तर कोरिया परमाणु डोमिनो प्रभाव शुरू होगा। इसके परिणामस्वरूप, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नई हथियारों की दौड़ शुरू हो सकती है।
अमेरिका की भूमिका पर प्रश्न, नई क्षमताओं पर आपत्ति
प्योंगयांग ने अमेरिका की उस सहायता की भी निंदा की, जिसमें दक्षिण कोरिया को यूरेनियम संवर्धन और परमाणु ईंधन पुन:प्रसंस्करण क्षमताएं विकसित करने में समर्थन दिया जा रहा है।
उनके अनुसार, यह समर्थन क्षेत्रीय शांति को अस्थिर कर सकता है। इसलिए, इस निर्णय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा की मांग बढ़ सकती है।
स्थिति गंभीर, सतर्कता जरूरी
उत्तर कोरिया के बयानों से स्पष्ट है कि उत्तर कोरिया परमाणु डोमिनो मुद्दा केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक व्यापक सुरक्षा चुनौती भी है।
अंत में, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संवाद और संतुलन नहीं रखा गया, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
