रायपुर 15 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / Paddy Procurement 2025-26: Paddy procurement at the support price will begin on November 15th. Extensive preparations underway. Token distribution begins on November 9th. / धान उपार्जन 2025-26 , राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ किया जा रहा है।
धान उपार्जन की प्रक्रिया को अधिक कृषक उन्मुख, दक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से संभागवार जिला स्तरीय अधिकारियों की कार्यशाला सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।
सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, प्रबंध संचालक, विपणन संघ तथा संचालक, खाद्य विभाग के मार्गदर्शन में रायपुर एवं बिलासपुर संभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को 15 अक्टूबर को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें जिलों से नोडल अधिकारी के रूप में अपर कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर सम्मिलित हुए, साथ ही जिला विपणन अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, उप-पंजीयक / सहायक पंजीयक सहकारिता, संग्रहण केंद्र प्रभारी, उपार्जन केंद्र प्रभारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि भी उपस्थित थे।
कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से सतत निगरानी
संभावित अनियमितताओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही जिला स्तर पर भी कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं।
मोबाइल एप के माध्यम से विभिन्न प्रकार के अलर्ट के निराकरण की प्रक्रिया पर संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इस हेतु पर्याप्त मानव संसाधन एवं तकनीकी अधोसंरचना की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया है .
किसानों की सुविधा और पारदर्शिता
उपार्जन केंद्रों में धान के उचित रखरखाव एवं किसानों की सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु उपार्जन केंद्र प्रभारियों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
किसानों से एक-एक दाना धान खरीदे जाने की प्रतिबद्धता को पूर्ण करने के लिए समिति एवं जिला स्तर के अधिकारियों की संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी समस्या का तत्काल निराकरण किया जाए।
संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी -उड़नदस्ता
उपार्जन केंद्रों को पूर्व वर्षों में दर्ज प्रकरणों और संभावित अनियमितताओं के आधार पर अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील उपार्जन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन केंद्रों पर पृथक नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाएंगे .
प्रदेश के सीमावर्ती उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त चेक पोस्ट की स्थापना की जा रही है ताकि अवैध धान की आवक को रोका जा सके।
टोकन व्यवस्था, ट्रायल रन
प्रशिक्षणार्थियों को प्रस्तावित टोकन व्यवस्था (ऑनलाइन तथा समिति के माध्यम से) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। संग्रहण केंद्रों में धान के उचित रखरखाव के लिए भी आवश्यक निर्देश दिये गए।
जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा 25 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के मध्य जिला एवं अनुविभाग स्तर पर धान उपार्जन विषयक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 4 नवम्बर से 7 नवम्बर के बीच उपार्जन केंद्रों में ट्रायल रन किया जाएगा तथा 9 नवम्बर से टोकन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होगी। सभी जिलों को 30 अक्टूबर तक धान उपार्जन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
