Share This Article रायपुर, 08 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपनी सैन्य तैनाती की पुष्टि की है। पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि सऊदी अरब में तैनात पाकिस्तानी सेना मक्का रक्षा समझौते के तहत विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रही है। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच पाकिस्तान का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने मक्का रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब में पहले ही बड़ी सैन्य टुकड़ी तैनात कर दी है। इसमें कम से कम छह पैदल सेना और तोपखाना ब्रिगेड सहित 15 हजार से अधिक पाकिस्तानी सैनिक शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तैनाती में पाकिस्तान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें एक मेजर ज नरल, चार ब्रिगेडियर, 12 कर्नल तथा 36 लेफ्टिनेंट कर्नल के अलावा मेजर और कैप्टन रैंक के करीब 60 अधिकारी शामिल बताए गए हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब को पाकिस्तान की सैन्य सहायता केवल जमीनी सैनिकों तक सीमित नहीं है। पाकिस्तानी वायुसेना ने भी वहां अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। लड़ाकू विमानों और अन्य युद्धक संसाधनों की तैनाती के जरिए सऊदी शहरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सहयोग किया जा रहा है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सऊदी अरब के किंग अब्दुलअजीज वायुसेना अड्डे पर पाकिस्तान के जेएफ-17 लड़ाकू विमान, तुर्की के ड्रोन और एच-क्यू-9 वायु रक्षा प्रणाली तैनात की गई है। हालांकि, इन विशिष्ट तैनातियों के सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान बड़े पैमाने पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की तैयारी कर रहा है। करीब 25 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने की योजना पर विचार या काम चलने की बात कही गई है। संभावित तैनाती में जमीनी सैनिकों के साथ वायु रक्षा संसाधन, ड्रोन, रॉकेट और अतिरिक्त हवाई शक्ति शामिल हो सकती है। इसके अलावा 400 से अधिक पाकिस्तानी नौसैनिकों के पहले से सऊदी अरब में तैनात होने की भी जानकारी सामने आई है।पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच 7 अगस्त को मक्का रक्षा समझौता हुआ था। समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सभी देशों पर हमला माना जाएगा। समझौते में सामूहिक प्रतिरोध, संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। तीनों देशों ने इस समझौते को पूरी तरह रक्षात्मक करार दिया है। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच पाकिस्तान ने इसी समझौते के तहत अपनी सैन्य तैनाती की पुष्टि की है। हालांकि, अतिरिक्त 25 हजार सैनिकों की संभावित तैनाती और कुछ विशिष्ट हथियार प्रणालियों से जुड़े विवरणों को फिलहाल रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से ही बताया जा रहा है। Share This Article Post navigation वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति से की मुलाकात, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने पर हुई चर्चा अमेरिका में विदेशी छात्रों पर भारी बोझ की तैयारी, ओपीटी के लिए 70 हजार डॉलर शुल्क का प्रस्ताव