रायपुर 3 मार्च 2026/ ETrendingIndia / मिसाइल और ड्रोन हमलों से हालात गंभीर
पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हो गया है।
पश्चिम एशिया युद्ध संकट के तहत ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं।
अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। वहीं ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
खाड़ी देशों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर असर
ईरान समर्थित समूहों ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए।
इस बीच QatarEnergy ने एलएनजी उत्पादन अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की। क्योंकि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले हुए।
इसके अलावा सऊदी अरब के रस तनुरा रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया। परिणामस्वरूप यूरोप में गैस कीमतें लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गईं।
ईरान और अमेरिका के कड़े बयान
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी हमलों को अवैध करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान की कार्रवाई आत्मरक्षा है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लिया जाएगा।
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिका से किसी प्रकार की वार्ता नहीं करेगा।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिक्रिया
World Health Organization ने नागरिकों और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा की अपील की है।
रूस ने संघर्ष विराम की मांग की है। जबकि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अमेरिका के साथ काम करने की बात कही है।
इजराइल ने गाजा सीमा क्रॉसिंग बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं जॉर्डन ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
हालात बेहद संवेदनशील
इस बीच ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने तेल टैंकर पर हमले की पुष्टि की है। कुवैत में अमेरिकी F-15E विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए। हालांकि सभी चालक दल सुरक्षित बताए गए हैं।
