Share This Article रायपुर, 23 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा और वर्षा ऋतु के सौंदर्य को समर्पित शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पावस प्रसंग’ ने वर्षा ऋतु के विविध रंगों, प्रकृति के उल्लास, मन के भावों और पावस से जुड़े सौंदर्यबोध को जीवंत कर दिया। शास्त्रीय कलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को वर्षा की रिमझिम फुहारों, प्रकृति की हरियाली और पावस के भावलोक का सजीव अनुभव कराया। कार्यक्रम में राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने वर्षा ऋतु की विशेषताओं को अभिव्यक्त करती सुमित्रानंदन पंत की कविता का भावपूर्ण पाठ किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वर्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। प्रदेश की कृषि व्यवस्था सहित जनजीवन की अनेक गतिविधियां वर्षा पर निर्भर हैं। वर्षा प्रकृति को नवजीवन प्रदान करती है और इसके बिना हरियाली, कृषि समृद्धि तथा प्रकृति की जीवंतता की कल्पना कठिन है। श्री मिश्रा ने कहा कि वर्षा और प्रकृति के इस गहरे संबंध को भारतीय साहित्य, संगीत और नृत्य परंपरा ने सदियों से अपने-अपने ढंग से अभिव्यक्त किया है। शास्त्रीय गायन और नृत्य ने बांधा समां ‘पावस प्रसंग’ में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और आकर्षक बना दिया। सुश्री आराध्या कुमारी सिंह ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देकर पावस ऋतु के भावों को सुरों में पिरोया। उनके गायन ने वातावरण को संगीत की मधुरता से भर दिया। सुश्री ताक्षवी गौतम ने ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति के माध्यम से वर्षा ऋतु की भाव-भंगिमाओं और प्रकृति के सौंदर्य को साकार किया। वहीं तरुण शर्मा एवं साथी कलाकारों ने कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर ताल, लय, भाव और पद-संचालन का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। सुश्री आँचल पांडेय ने भी ओडिसी नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति से दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की। कलाकारों को मंच और प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल ‘पावस प्रसंग’ प्रदेश की कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षण और संवर्धन देने के साथ कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। संस्कृति संचालक डॉ. संजय कनौजे ने किया कलाकारों का उत्साहवर्धन संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कनौजे ,उप संचालक श्री उमेश मिश्रा, श्री उदय सिंह चौहान, वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरविंद मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपेंद्र दीवान, वरिष्ठ कलाकार श्री रिखी क्षत्रिय एवं श्री विजय मिश्रा सहित कला एवं साहित्य जगत से जुड़े गणमान्यजन उपस्थित रहे। Share This Article Post navigation यश की टॉक्सिक का अंग्रेजी ट्रेलर आया सामने, 11 सेकंड कम पर एक्शन से भरपूर Google पर डॉक्टर का नंबर खोजना पड़ा महंगा… 5 रुपए भेजते ही खाते से 95 हजार पार