Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / पेरू में युवा विरोध का कारणपेरू के Gen Z यानी युवा वर्ग ने राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पेंशन प्रणाली में किए गए सुधार और लंबे समय से जारी भ्रष्टाचार के खिलाफ है। 20 सितंबर से शुरू हुए विरोध ने राजधानी लीमा में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी देखा। व्यापक असंतोष और राजनीतिक तनावदेश में असंतोष लंबे समय से simmer कर रहा था। भ्रष्टाचार, आर्थिक असुरक्षा, बढ़ती अपराध दर और पूर्व प्रदर्शनकारियों की मौतों पर जिम्मेदारी न लेने से यह तनाव और बढ़ा। बोलुआर्ते की लोकप्रियता मात्र 2.5% और कांग्रेस की 3% मापी गई है। पेरू के युवा सड़कों परपेरू के युवाओं ने जापानी मंगा “वन पीस” के खोपड़ी वाले प्रतीक को अपनाया है, जो भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक है। 18 से 29 वर्ष की आयु के 27% लोग इस विरोध में शामिल हो रहे हैं। युवा कह रहे हैं कि वे अब डर और सन्नाटे को स्वीकार नहीं करेंगे। लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय संदर्भविशेषज्ञों का कहना है कि ये विरोध प्रदर्शन वैश्विक लोकतांत्रिक दबाव के बीच हो रहे हैं। पेरू में पहले भी प्रदर्शन लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा और यहां तक कि नेताओं को पद से हटाने में सफल रहे हैं। वर्तमान आंदोलन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे लंबे समय तक जारी रखा जा सके। Share This Article Post navigation भारत-भूटान के बीच पहली रेल सेवा का मार्ग प्रशस्त, कोकराझार-गेलफु प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार भारत ने यूएनजीए में किया वॉकआउट, पाकिस्तान ने स्वीकारा ‘Terroristan’