PM Suryghar YojanaPM Suryghar Yojana
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रायपुर, 12 सितंबर 2026। PM Suryghar Yojana : छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं अब गांवों में सौर ऊर्जा की नई पहचान बन रही हैं। ‘सोलर दीदी—हर घर रोशनी, हर हाथ रोजगार’ के संकल्प के साथ ग्रामीण महिलाओं को सौर ऊर्जा आधारित तकनीकी काम और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सहित नवीकरणीय ऊर्जा पहलों से जुड़कर महिलाएं न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि अपने लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार कर रही हैं।

दसरमा गांव में 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम स्थापित

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम दसरमा में हितग्राही तारनी घृतलहरे के घर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है। यह पहल कलेक्टर कुलदीप शर्मा और जिला पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।

इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें सौर ऊर्जा से जुड़े तकनीकी कार्यों में प्रशिक्षित कर रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है।

बिहान की संकुल संगठन बनी आधिकारिक सोलर वेंडर

इस पहल की खास बात यह है कि बिहान के तहत गठित संकुल स्तरीय संगठन ने स्वयं को आधिकारिक सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया है। वेंडर पंजीयन के बाद प्रशिक्षित सोलर दीदियां अब सीधे हितग्राहियों के घर पहुंचकर सोलर पैनल सिस्टम लगाने का काम संभाल रही हैं।

इससे ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी क्षेत्र में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है और वे गांव में ही रोजगार से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

तकनीकी हुनर से बढ़ रहा महिलाओं का आत्मविश्वास

सोलर दीदियों को सौर ऊर्जा से जुड़े कार्यों में शामिल करने से उनमें तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल विकसित हो रहा है। पहले जहां तकनीकी कामों में महिलाओं की भागीदारी सीमित मानी जाती थी, वहीं अब बिहान की महिलाएं सोलर सिस्टम की स्थापना जैसे कामों में अपनी भूमिका निभा रही हैं।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है।

बिजली बिल में राहत, पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा

सौर ऊर्जा के विस्तार से ग्रामीण परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान होगा। इस तरह सोलर दीदी मॉडल एक साथ महिला सशक्तिकरण, रोजगार, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ रहा है।

‘हर घर रोशनी, हर हाथ रोजगार’ का लक्ष्य

बिहान से जुड़ी महिलाओं की यह पहल ग्रामीण विकास में नई दिशा दिखा रही है। सरकार और प्रशासन का जोर है कि ग्रामीण महिलाएं योजनाओं की लाभार्थी भर न रहें, बल्कि तकनीकी कार्यों में भागीदारी निभाकर रोजगार सृजक और उद्यमी बनें। सोलर दीदियों के जरिए गांव-गांव स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य भी आगे बढ़ रहा है।


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