Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / जीएसटी परिषद का बड़ा फैसला जीएसटी परिषद ने पॉपकॉर्न पर टैक्स को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पॉपकॉर्न पर केवल 5% GST लगेगा। इस फैसले से मीठा और नमकीन दोनों तरह का पॉपकॉर्न एक ही स्लैब में आ गया है। पहले अलग-अलग दरों से थी उलझन पहले ढीले नमकीन पॉपकॉर्न पर 5% लगता था। वहीं पैकेज्ड या ब्रांडेड पॉपकॉर्न पर 12% और कैरेमल फ्लेवर वाले पॉपकॉर्न पर 18% जीएसटी वसूला जाता था। इस वजह से व्यापारियों और ग्राहकों के बीच लगातार उलझन बनी रहती थी। मल्टीप्लेक्स संचालकों की मांग पूरी मल्टीप्लेक्स संचालक लंबे समय से समान टैक्स संरचना की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सिनेमा हॉल में बिकने वाला पॉपकॉर्न ताजा तैयार होता है। इसलिए इसे रेस्टोरेंट सेवाओं की तरह 5% टैक्स स्लैब में रखा जाना चाहिए। हालांकि 2019 में आंशिक राहत दी गई थी, लेकिन विवाद जारी रहा। सभी तरह का पॉपकॉर्न एक स्लैब में अब नए नियम के तहत पैकेजिंग, ब्रांडिंग या शुगर कंटेंट के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। जीएसटी परिषद ने सभी तरह के पॉपकॉर्न—नमकीन, मीठा, कैरेमल, पैकेज्ड या ढीला—को 5% टैक्स स्लैब में शामिल कर दिया है। Share This Article Post navigation एप्पल ने बेंगलुरु में पहला रिटेल स्टोर खोला UPS से NPS में एक बार बदलाव की अनुमति , चुनने की अंतिम तिथि 30 सितंबर