रायपुर 24 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / PPP मेडिकल कॉलेज मध्यप्रदेश , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है।
यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे।
मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है.
इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा।
इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है।
धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं।
राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
प्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।
सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है।
प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए देह दानियों और उनके परिवारों को गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज धार जिले को 626 करोड़ रूपए की लागत के कुल 93 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इसके अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय, छात्रावासों, गल्र्स स्टेडियम, विभिन्न सड़कों, विधि महाविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि का लोकार्पण शामिल है। धार में 15 करोड़ की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमिपूजन हो रहा है।
धार-मनावर-गंधवानी और कुक्षी में 104 करोड़ रूपए की लागत से कुल 26 बालक-बालिका छात्रावासों का भूमिपूजन भी आज किया जा रहा है।
इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए 18 हजार 36 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। धार के सभी गांवों तक माँ नर्मदा के जल से सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है।
श्री नड्डा ने कहा कि अब देश में क्यूरेटिव से पहले प्रिवेंटिव क्योर पर जोर दिया जा रहा है, यानी बीमारी से पहले रोकथाम और जीवनशैली में बदलाव पर ध्यान दिया जा रहा है। होलिस्टिक मेडिसिन के लिए देश में 1 लाख 81 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं।
केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि देश में 2014 में 387 मेडिकल कॉलेज और 51 हजार एमबीबीएस सीटें थीं, आज 819 मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस के लिए 1 लाख 29 हजार सीटें हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 2030 से पहले 75 हजार सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
मध्यप्रदेश में अगले महीने कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी भूमि-पूजन किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने विवेकानंद नॉलेज फाउंडेशन की पदाधिकारी सुनीता कपूर और श्रुति कपूर को को पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आरंभ करने पर बधाई दी। मध्यप्रदेश सरकार ने एयर एंबुलेंस की सुविधा देश में सबसे पहले शुरू की है।
