Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / भारत मिसाइल परीक्षण 2025 , सामरिक ताकत में नया इजाफा भारत मिसाइल परीक्षण 2025 ,भारत ने गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से प्रथ्वी-II और अग्नि-I बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत की रणनीतिक ताकत और सैन्य तत्परता का महत्वपूर्ण प्रदर्शन बताया है। परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) द्वारा नियमित प्रशिक्षण और सत्यापन अभ्यास के तहत किया गया। दोनों मिसाइलें सटीक लक्ष्य पर रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों मिसाइलों ने अपने सभी मिशन उद्देश्यों और तकनीकी मानकों को पूरा किया। इससे इनकी सटीकता, विश्वसनीयता और त्वरित तैनाती की क्षमता की पुष्टि होती है। परमाणु सक्षम मिसाइलों की श्रृंखला में अहम भूमिका प्रथ्वी-II और अग्नि-I मिसाइलें भारत की स्वदेशी रूप से विकसित रणनीतिक मिसाइल प्रणाली का हिस्सा हैं और ये देश की परमाणु प्रतिरोध क्षमता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। लद्दाख में आकाश प्राइम सिस्टम का भी सफल परीक्षण इन परीक्षणों से एक दिन पहले ही भारतीय सेना ने लद्दाख के ऊंचे इलाकों में आकाश प्राइम एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया था। यह परीक्षण लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर किया गया, जहां इसने दो हाई-स्पीड हवाई लक्ष्यों को सीधा भेदा। इस परीक्षण को सेना की एयर डिफेंस विंग और DRDO के वरिष्ठ अधिकारियों ने देखा। अब इसे सेना की तीसरी और चौथी आकाश रेजीमेंट में शामिल किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर में आकाश की भूमिका ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश सिस्टम ने चीनी लड़ाकू विमानों और पाकिस्तानी बलों द्वारा इस्तेमाल किए गए तुर्की ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया था, जिससे इसकी प्रभावशीलता सिद्ध हुई। निष्कर्ष: भारत के इन लगातार परीक्षणों से स्पष्ट है कि देश अपनी रक्षा तैयारियों को उच्च स्तर पर ले जा चुका है। प्रथ्वी-II, अग्नि-I और आकाश प्राइम जैसे हथियार प्रणालियाँ न केवल तकनीकी रूप से परिपक्व हैं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का प्रमाण भी हैं। Share This Article Post navigation भारतीय नौसेना ने पहली स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल ‘आईएनएस निस्तार’ को किया कमीशन पीयूष गोयल का युवाओं को आह्वान: विकसित भारत 2047 की दिशा में बनें नेतृत्वकर्ता