Share This Article रायपुर, 04 सितंबर / ETrendingIndia / पंजाब में लंबित महंगाई भत्ते (DA) को लेकर जारी विवाद के बीच वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चाहें तो राज्य सरकार उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर कुल वेतन और महंगाई भत्ता देने को तैयार है। सरकार का कहना है कि केवल डीए प्रतिशत की बराबरी करने के बजाय पूरा वेतन पैकेज समान किया जा सकता है। केंद्र जैसा वेतन देने का प्रस्ताव चीमा ने कहा कि पंजाब के कई वर्गों के कर्मचारी पहले से ही केंद्र और पड़ोसी राज्यों के कर्मचारियों से अधिक वेतन पा रहे हैं। सरकार केंद्र के कर्मचारियों के समान कुल वेतन पैकेज देने पर बातचीत के लिए तैयार है। 28% से 42% हुआ DA वित्त मंत्री के अनुसार, आप सरकार के सत्ता में आने के समय कर्मचारियों को 28% डीए मिल रहा था। इसे अक्टूबर 2022 में 34%, दिसंबर 2023 में 38% और 2024 में बढ़ाकर 42% किया गया। ₹14,191 करोड़ के बकाये का विवाद यह बयान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबित डीए/डीआर बकाया दो सप्ताह में देने को कहा गया था। राज्य सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार का तर्क है कि करीब ₹14,191 करोड़ का भुगतान इतने कम समय में करना संभव नहीं है। सरकार ने ₹4,500 करोड़ बकाया चुकाने का दावा किया चीमा ने कहा कि करीब ₹14,000 करोड़ के लंबित बकाये के लिए पिछली सरकारें जिम्मेदार हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार अब तक ₹4,500 करोड़ का बकाया चुका चुकी है। टकराव नहीं, बातचीत पर जोर मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारी संगठनों से हड़ताल या टकराव के बजाय सरकार के साथ बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए राज्य पर असहनीय वित्तीय बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा। Share This Article Post navigation ISRO ने रचा नया इतिहास, GSLV-F17 ने लॉन्च किया EOS-05, अंतरिक्ष से भारत पर रखेगा पैनी नजर ब्रिटेन में मोहन भागवत का स्वागत…, वीजा पर सरकार ने दिया साफ जवाब