Share This Article रायपुर 4 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / राघव चड्ढा AAP विवाद ने पकड़ा तूल राघव चड्ढा AAP विवाद उस समय बढ़ गया जब उन्हें राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें “चुप कराया गया है, लेकिन वे हारे नहीं हैं”। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया। ‘चुप कराया गया, हारा नहीं’ बयान पर प्रतिक्रिया दरअसल, राघव चड्ढा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उनकी अपनी पार्टी ने ही उन्हें संसद में बोलने से रोका। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए।इसके अलावा उन्होंने खुद को एक नदी बताया, जो समय आने पर बाढ़ बन सकती है। इस बयान ने विवाद को और तेज कर दिया। AAP ने लगाए गंभीर आरोप वहीं आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा के आरोपों को खारिज कर दिया। पार्टी ने कहा कि वे संसद में केंद्र सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने से बच रहे थे।हालांकि, पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा “सॉफ्ट पीआर” में ज्यादा व्यस्त थे, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हुए। संसद की राजनीति में बढ़ी हलचल इस राघव चड्ढा AAP विवाद के बाद संसद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पहले उन्हें पद से हटाया गया, फिर बयानबाजी का दौर शुरू हुआ।इसके बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह विवाद और गहरा सकता है। Share This Article Post navigation समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी : 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य, 10 अप्रैल से होगी खरीदी मंत्री ने किया नर्मदा गुंजारी घाट पर श्रमदान : कहा -नदियाँ केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की जीवनरेखा हैं