Railway Tunnel ProjectRailway Tunnel Project
Share This Article

रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। Railway Tunnel Project : हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों के बीच रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम किया जा रहा है। लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। परियोजना में 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जबकि लगभग 83 प्रतिशत रेल मार्ग सुरंगों से होकर गुजरेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को उत्तराखंड के भविष्य और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है।

125 किलोमीटर लंबी रेल लाइन से जुड़ेंगे पर्वतीय क्षेत्र

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रेल संपर्क का विस्तार करने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। यह परियोजना ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन के अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है।

83 प्रतिशत मार्ग सुरंगों से होकर गुजरेगा

हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस रेल परियोजना में बड़े पैमाने पर सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 83 प्रतिशत मार्ग सुरंगों से होकर गुजरने की योजना है। पहाड़ी भूभाग में रेल लाइन बिछाने के लिए आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक और जटिल निर्माण कार्यों की आवश्यकता होती है।

12 स्टेशन से बेहतर होगी कनेक्टिविटी

परियोजना में 12 स्टेशन शामिल हैं। रेल संपर्क विकसित होने से मार्ग के आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही आसान होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसरों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

उत्तराखंड के विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को उत्तराखंड के परिवहन ढांचे के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों की परिवहन संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।


Share This Article