रायपुर 2 नवम्बर 2025 / ETrendingIndia / The Ramnami community, who have engraved the name of Ram all over their bodies, is a wonderful combination of faith, dedication and devotion: A cordial meeting with the Prime Minister / रामनामी समाज और प्रधानमंत्री मोदी , छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के अवसर पर एक भावनात्मक दृश्य ने सभी का ध्यान खींचा, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने आत्मीय भेंट की।
रामनाम में लीन जीवन जीने वाले और अपने शरीर में राम का नाम खुदवाने वाले इस अद्वितीय समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से अलंकृत करने की इच्छा जताई, जिसे श्री मोदी ने अत्यंत स्नेह और सहजता से स्वीकार किया। यह क्षण उपस्थित जनसमूह के लिए गहन भक्ति और एकता का प्रतीक बन गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री से मिलने की समुदाय की इच्छा उनके रायपुर आगमन से पहले ही व्यक्त की गई थी, जिसके बाद विशेष रूप से यह मुलाकात सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा, “रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म — ऐसे रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है।”
रामनामी समाज और प्रधानमंत्री मोदी , 19वीं शताब्दी में जातिगत भेदभाव के विरोध से जन्मा रामनामी समाज आज भक्ति, समानता और आत्मसम्मान का प्रतीक है। इस समुदाय की विशिष्ट पहचान यह है कि इसके सदस्य अपने पूरे शरीर पर ‘राम’ नाम गुदवाते हैं और ‘राम’ नाम अंकित वस्त्र धारण करते हैं। वे मोर पंखों से बने मुकुट पहनते हैं और केवल राम नाम को मोक्ष का साधन मानते हैं।
रामनामी समाज कर्मकांडों से दूर, सरल जीवन और शुद्ध भक्ति में विश्वास रखता है। वे शाकाहार, नशामुक्त जीवन और दहेज-मुक्त विवाह का पालन करते हैं। किसी भी जाति या वर्ग का व्यक्ति जो राम नाम में विश्वास रखे, इस समाज का हिस्सा बन सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी और रामनामी समुदाय की यह आत्मीय भेंट न केवल आस्था का उत्सव थी, बल्कि यह संदेश भी कि रामभक्ति जीवन की साधना है, पूजा का कर्म नहीं।
