Share This Article रायपुर, 4 फरवरी 2026 / ETrendingIndia / राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संगोष्ठी , शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर और शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय धमधा के संयुक्त आयोजन में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण” का सफल आयोजन किया गया. 400 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता संगोष्ठी में प्रदेश के लगभग 120 महाविद्यालयों से आए करीब 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों, समाधान और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर चर्चा हुई। मानसिक रूप से सशक्त वातावरण जरूरी: आयुक्त उच्च शिक्षा समापन सत्र के मुख्य अतिथि आयुक्त उच्च शिक्षा डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने कहा कि मानसिक रूप से सशक्त विद्यार्थी, शिक्षक और अधिकारी ही उच्च शिक्षा की मजबूती का आधार हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण पर जोर दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता प्राचार्य, शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर ने कहा कि यह संगोष्ठी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समस्याओं के व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करने में सफल रही है। युवाओं में बढ़ते तनाव पर चिंता द्वितीय दिवस में वैज्ञानिक सत्र आयोजित हुए। डॉ. उषाकिरण अग्रवाल, प्राचार्य शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय , धमधा ने युवाओं में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सकारात्मक सोच और आत्म-जागरूकता को जरूरी बताया। विभिन्न शोध पत्रों पर प्रश्नोत्तर सत्र भी हुए। मानसिक स्वास्थ्य आकलन और सुझाव ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य आकलन के परिणाम श्रेणीवार प्रस्तुत किए गए। प्रतिभागियों की गोपनीयता बनाए रखते हुए विशेषज्ञों ने तनाव प्रबंधन और आत्म-देखभाल के सुझाव दिए। Share This Article Post navigation सिरपुर एवं अरपा विकास प्राधिकरण में भूमि का आबंटन का अधिकार कलेक्टरों को छत्तीसगढ़ स्कूल भवन निर्माण: 62 शालाओं को मिलेंगे नए भवन, 7.22 करोड़ की स्वीकृति